Karnataka Politics: सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा, DK शिवकुमार हो सकते हैं नए मुख्यमंत्री

कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने गुरुवार को अपने बेंगलुरु स्थित आवास पर कैबिनेट सहयोगियों के साथ हुई अहम बैठक में मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला घोषित कर दिया। इसके साथ ही लंबे समय से चल रहा नेतृत्व विवाद समाप्त होता दिख रहा है।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar को सिद्धारमैया को गले लगाते और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते देखा गया। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से सत्ता परिवर्तन को मंजूरी मिलने के बाद अब डीके शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।
कांग्रेस हाईकमान ने लिया फैसला
सूत्रों के अनुसार, पिछले 48 घंटों में दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ कई दौर की बातचीत हुई। इस बैठक में Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra और K. C. Venugopal शामिल थे।
बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया को ट्रांजिशन पैकेज के तहत राज्यसभा सीट की पेशकश भी की गई है। हालांकि, उनका भविष्य का राजनीतिक रोल अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
2.5 साल के फॉर्मूले पर खत्म हुआ विवाद
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी खींचतान जारी थी। पार्टी के भीतर कथित 2.5-2.5 साल के सत्ता साझेदारी फॉर्मूले की चर्चा लगातार होती रही।
डीके शिवकुमार समर्थक लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे थे, जबकि सिद्धारमैया 2028 चुनावों से पहले एंटी-इंकम्बेंसी की दलील देते हुए पद छोड़ने को लेकर सतर्क थे।
अब पार्टी नेतृत्व ने इस विवाद का समाधान निकालते हुए सत्ता हस्तांतरण का फैसला कर लिया है।
राजभवन जाने की तैयारी
सिद्धारमैया ने राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय भी मांगा है। हालांकि राजभवन सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल Thaawarchand Gehlot फिलहाल निजी दौरे पर इंदौर में मौजूद हैं।
उधर, कांग्रेस की राज्य इकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एकता का संदेश साझा किया। वहीं डीके शिवकुमार के समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाना शुरू कर दिया।
नाश्ते की बैठक बनी राजनीतिक चर्चा का केंद्र
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में इडली, डोसा, सांभर, चटनी और केसरीबाथ परोसा गया। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा नाश्ते से ज्यादा सत्ता परिवर्तन की रही।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अब कर्नाटक में नेतृत्व को स्थिर कर 2028 चुनावों की तैयारी करना चाहती है।
क्या होगा सिद्धारमैया का अगला कदम?
सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया फिलहाल राष्ट्रीय राजनीति में तुरंत जाने के बजाय वरुणा सीट से विधायक बने रहना चाहते हैं। माना जा रहा है कि वह राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका जारी रख सकते हैं।





