भारतीय रुपये में भारी गिरावट: डॉलर के मुकाबले 94.25 के स्तर पर पहुँचा, शेयर बाजार भी धड़ाम

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन (24 अप्रैल, 2026) काफी उथल-पुथल भरा रहा। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 24 पैसे टूटकर 94.25 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया। यह लगातार पांचवां दिन है जब रुपये की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है।
क्यों गिर रहा है रुपया?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये में इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:
1. कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें: पश्चिम एशिया (West Asia) में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है।
2. मजबूत अमेरिकी डॉलर: वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में मजबूती और निवेशकों का डॉलर की ओर बढ़ता रुझान रुपये को कमजोर कर रहा है।
शेयर बाजार का हाल
रुपये की कमजोरी का सीधा असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex 547.02 अंक (0.70%) गिरकर 77,116.98 पर आ गया, वहीं Nifty में भी 159.75 अंकों (0.66%) की गिरावट देखी गई और यह 24,013.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तनाव का असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए होने वाले तेल शिपमेंट पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी सेना द्वारा एक ईरानी तेल टैंकर को जब्त किए जाने से ईंधन की कीमतों में वैश्विक स्तर पर अस्थिरता पैदा हुई है, जिसका खामियाजा भारतीय बाजार को भुगतना पड़ रहा है।





