शतरंज के विश्व मंच पर भारत की मजबूत मौजूदगी, दो खिलाड़ियों ने दिलाया कांस्य

दोहा में आयोजित 2025 FIDE वर्ल्ड रैपिड और वुमेंस वर्ल्ड रैपिड चेस चैंपियनशिप में भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। भारतीय ग्रैंडमास्टर्स अर्जुन एरिगैसी और कोनेरू हम्पी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः पुरुष और महिला वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किए।
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पुरुष वर्ग का खिताब नॉर्वे के दिग्गज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने जीता, जबकि महिला वर्ग में रूस की अलेक्ज़ेंड्रा गोर्याचकिना ने पहला स्थान हासिल किया।
Proud of Arjun Erigaisi for winning the Bronze medal in the open section at the FIDE World Rapid Chess Championship in Doha. His grit is noteworthy. Wishing him the very best for his future endeavours.@ArjunErigaisi
— Narendra Modi (@narendramodi) December 29, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्जुन और हम्पी दोनों को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अलग-अलग संदेशों में अर्जुन के जज़्बे और हम्पी की मेहनत की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Congratulations to Koneru Humpy, who finished strongly at the 2025 FIDE World Rapid Chess Championship in Doha, securing the Bronze medal in the women’s section. Her dedication towards the game is commendable. Best wishes for the endeavours ahead.@humpy_koneru
— Narendra Modi (@narendramodi) December 29, 2025
पुरुष वर्ग में अर्जुन एरिगैसी ने 13 राउंड में 9.5 अंक हासिल कर अपने करियर का पहला वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप पदक जीता। वह मैग्नस कार्लसन से सिर्फ एक अंक पीछे रहे, जिन्होंने 10.5 अंकों के साथ अपना छठा वर्ल्ड रैपिड खिताब जीता। इस उपलब्धि के साथ अर्जुन, विश्वनाथन आनंद के बाद वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप के पोडियम तक पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए।
महिला वर्ग में कोनेरू हम्पी भी शानदार फॉर्म में नजर आईं। अंतिम राउंड से पहले वह चीन की झू जीनर और गोर्याचकिना के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर थीं। तीनों खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट को 8.5 अंकों के साथ समाप्त किया, लेकिन टाई-ब्रेक के आधार पर हम्पी को तीसरा स्थान मिला। आखिरी मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी बी. सविता के खिलाफ ड्रॉ के चलते हम्पी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
यह कांस्य पदक हम्पी के शानदार करियर में एक और उपलब्धि है। इससे पहले वह 2019 और 2024 में वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं। दोहा में अर्जुन और हम्पी की इस दोहरी सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत विश्व शतरंज में तेजी से एक मजबूत शक्ति बनकर उभर रहा है।





