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कोटा में फिर दहला दिल: हॉस्टल के कमरे में मृत मिला 17 वर्षीय JEE एस्पिरेंट, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

​राजस्थान का कोचिंग हब कोटा एक बार फिर छात्र की मौत की खबर से दहल उठा है। उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर का रहने वाला 17 वर्षीय जेईई (JEE) एस्पिरेंट आर्यन ओझा कोटा के राजीव गांधी नगर इलाके में एक हॉस्टल/पीजी में मृत पाया गया है। बुधवार रात करीब 10:45 बजे वह अपने कमरे में सीलिंग फैन से लटका मिला।

साथी छात्रों ने दरवाजा तोड़कर निकाला बाहर

​जब आर्यन के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो उसके साथी छात्रों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
​पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए एमबीएस (MBS) अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया है, जो परिजनों के आने के बाद किया जाएगा। डीएसपी योगेश कुमार और एएसआई जवाहर लाल सहित पुलिस अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं, लेकिन मौत की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। आर्यन कोटा में कुछ महीनों से लेकर एक साल की अवधि से रह रहा था।

देश के टेस्ट-प्रेप हब में बढ़ता मानसिक तनाव

कोटा में लगभग ₹10,000 करोड़ का कोचिंग उद्योग है, जहाँ दसवीं के बाद देश भर से छात्र आवासीय संस्थानों में दाखिला लेते हैं। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, कोटा में छात्रों की आत्महत्या का सिलसिला पुराना है, जिसमें 2015 में 18, 2016 में 17, 2018 में 20, 2019 में 18 और 2022 में 15 मामले दर्ज किए गए थे।
​शिक्षा मंत्रालय ने जनवरी 2024 में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के कोचिंग नामांकन पर रोक लगाने और उल्लंघन पर ₹1 लाख के जुर्माने के दिशानिदेश भी जारी किए थे। इसके बावजूद, परीक्षाओं का बढ़ता दबाव और माता-पिता की उम्मीदें छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही हैं, जैसा कि हाल ही में नागपुर में परीक्षा के डर से जान देने वाली 18 वर्षीय नीट एस्पिरेंट आकांक्षा चतुर्वेदी के मामले में भी देखा गया था।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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