मजबूत हो रही भारत की रक्षा कूटनीति: मिस्र और जर्मनी के साथ सहयोग नई ऊंचाई पर

भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी रक्षा कूटनीति को और मजबूत करते हुए मिस्र और जर्मनी के साथ अहम रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाया है। इन पहलों से यह स्पष्ट होता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग और रक्षा क्षमताओं के विकास पर तेजी से फोकस कर रहा है।
मिस्र के साथ रक्षा सहयोग पर जोर
भारत और मिस्र के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए काहिरा में 20 से 22 अप्रैल तक 11वीं संयुक्त रक्षा समिति (Joint Defence Committee) की बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को अपनी रणनीतिक साझेदारी का अहम स्तंभ बताया।
The 11th #IndiaEgypt Joint Defence Committee meeting was held in Cairo from 20th to 22nd April 2026. Both countries reaffirmed their commitment to further strengthening defence ties, a key pillar of the #StrategicPartnership. Inaugural Navy-to-Navy Staff Talks were also held.… pic.twitter.com/H6yZ98krUx
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) April 23, 2026
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान नौसेना स्तर पर पहली बार स्टाफ वार्ता भी आयोजित की गई, जिसे दोनों देशों के बीच सैन्य तालमेल को गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद ने किया, जबकि मिस्र की ओर से स्टाफ मेजर जनरल अहमद मोहम्मद उमर ने प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने हेलियोपोलिस वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की और मिस्र वायुसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अम्र अब्देल रहमान सक्र से मुलाकात की।
जर्मनी के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत
जर्मनी दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में भारत और जर्मनी के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए।
दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन प्रशिक्षण से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए।
बर्लिन में हुई इस बैठक में जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस भी मौजूद रहे। इन समझौतों का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में संस्थागत सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण और तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है।
The Indian delegation laid a wreath at Heliopolis War Memorial, honouring Indian soldiers who made supreme sacrifice during the World Wars, and called on Commander of the Egyptian Air Force Lt Gen Amr Abdel Rahman Saqr. pic.twitter.com/eBvVYnpMLi
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) April 23, 2026
रक्षा क्षेत्र में नई दिशा
दोनों देशों के साथ हुई बातचीत में सह-निर्माण और सह-उत्पादन जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई, खासतौर पर उन्नत और विशेष तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
यह पहल दिखाती है कि भारत अब केवल रक्षा खरीद तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वैश्विक साझेदारी के जरिए अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
रणनीतिक संकेत
मिस्र और जर्मनी के साथ बढ़ता सहयोग इस बात का संकेत है कि भारत बहु-आयामी रक्षा साझेदारी की रणनीति अपना रहा है। इससे न केवल सैन्य क्षमता मजबूत होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति भी और सशक्त होगी।





