नीरव मोदी मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की बड़ी कार्रवाई, ब्रिटेन की अदालत के अनुरोध पर नोटिस जारी

नीरव मोदी मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने ब्रिटेन की इंग्लैंड और वेल्स की सुप्रीम कोर्ट से आई एक अपील पर कार्रवाई की है। यह अपील एक बैंक अधिकारी का बयान दर्ज करने से जुड़ी है। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार से सहयोग मांगा है और सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है, जिनमें फरार हीरा कारोबारी नीरव मोदी भी शामिल हैं। यह जानकारी समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट में दी गई है।
ब्रिटेन की अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह दिल्ली स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी का बयान दर्ज करे। यह अधिकारी उस केस में गवाह है, जो विदेश में फायरस्टार डायमंड FZE और उसके संस्थापक नीरव मोदी से जुड़े लोन डिफॉल्ट विवाद से संबंधित है।
इस मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस सी. हरि शंकर ने कहा कि सरकार की मदद जरूरी होगी। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई पुराना उदाहरण सामने नहीं है, जिसमें किसी विदेशी अदालत के पत्र के आधार पर, बिना किसी पक्ष के सीधे अदालत पहुंचने के, इस तरह की कार्रवाई की गई हो।
यह अनुरोध 1970 के हेग कन्वेंशन के तहत भारत के कानून और न्याय मंत्रालय के जरिए दिल्ली हाई कोर्ट को भेजा गया है। इस कन्वेंशन का उद्देश्य सिविल और व्यावसायिक मामलों में विदेश में सबूत जुटाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इसी के तहत हाई कोर्ट ने ब्रिटेन में चल रहे केस के सभी पक्षों, जिनमें निरव मोदी भी शामिल हैं, को इस मामले में पक्षकार बनाया है।
आगे की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 2016 के एक पुराने मामले का भी जिक्र किया, जिसमें पुर्तगाल सरकार ने इसी तरह का अनुरोध किया था। साथ ही, हाई कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या बैंक इस मामले में कोई औपचारिक याचिका दाखिल करेगा। अब इस केस की अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।
गौरतलब है कि ब्रिटेन के गृह सचिव ने नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी और 2022 में वहां की हाई कोर्ट ने भी इस फैसले को सही ठहराया था। इसके बावजूद निरव मोदी अब भी ब्रिटेन में ही है, क्योंकि वह अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों का हवाला दे रहा है।
भारत में नीरव मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है। इस दर्जे के तहत सरकार को दोष सिद्ध होने से पहले ही उसकी संपत्तियां जब्त करने का अधिकार मिल जाता है।





