दावोस में अश्विनी वैष्णव का दावा, स्टैनफोर्ड रैंकिंग में AI तैयारियों में भारत तीसरे स्थान पर

दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा की उस टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताया, जिसमें भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शक्तियों के “दूसरे समूह” में रखा गया था।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि IMF का यह आकलन सही नहीं है और वैश्विक मानकों के अनुसार भारत AI के शीर्ष देशों में शामिल है। उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि AI तैयारियों के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है। मंत्री ने कहा, “IMF का पैमाना क्या है, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्टैनफोर्ड के मुताबिक भारत AI के मामले में टॉप ग्रुप में है।”
मंत्री ने बताया कि भारत AI को सिर्फ एक स्तर पर नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि AI की पाँच प्रमुख परतें होती हैं—एप्लिकेशन, मॉडल, चिप, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी। भारत इन सभी पाँचों स्तरों पर काम कर रहा है और हर क्षेत्र में अच्छी प्रगति हो रही है।
अश्विनी वैष्णव ने यह भी साफ किया कि भारत का फोकस बहुत बड़े और महंगे AI मॉडल बनाने पर नहीं, बल्कि उनके व्यावहारिक इस्तेमाल पर है। उन्होंने कहा कि असली फायदा AI एप्लिकेशन से होता है, खासकर उन समाधानों से जो सीधे उद्योग और व्यवसायों की समस्याएं हल करें। भारत इसी क्षेत्र में दुनिया को सबसे ज्यादा सेवाएं दे सकता है।
मंत्री के मुताबिक, 20 से 50 अरब पैरामीटर वाले AI मॉडल ज्यादातर जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं और भारत ऐसे कई मॉडल तैयार कर रहा है, जिन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार का जोर इस बात पर है कि AI तकनीक का फायदा पूरे देश की अर्थव्यवस्था तक पहुंचे।
उन्होंने यह भी बताया कि AI टैलेंट के मामले में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है और AI के प्रसार और तैयारी में भी भारत की स्थिति मजबूत है।
गौरतलब है कि भारत अगले महीने एक अंतरराष्ट्रीय AI शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है, जहां जिम्मेदार और समावेशी AI पर भारत का दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखा जाएगा। दावोस में दिया गया यह बयान साफ संकेत देता है कि भारत खुद को अमेरिका या चीन के पीछे नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और मजबूत AI शक्ति के रूप में स्थापित करना चाहता है।





