फैक्ट चेक: चिराग पासवान से चिपटकर रोते हुए व्यक्ति का पुराना वीडियो गलत संदर्भ में हुआ वायरल, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: चिराग पासवान से चिपटकर रोते हुए व्यक्ति का पुराना वीडियो गलत संदर्भ में हुआ वायरल, जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा। वीडियो केंद्रीय मंत्री चिराग पसवान का है जहाँ एक व्यक्ति वीडियो उनसे चिपटकर रो रहा है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर हालिया दिनों का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो को शेयर दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री उन लोगों से मिलने के लिए पहुंचे, जिन्होंने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई में अपना घर गंवाया है।
फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “चिराग पासवान मिलने पहुंचे उन सभी लोगों से जिनके घर बुलडोजर के द्वारा तोड़ दिया गया है।”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल लेंस के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो युवा बिहारी संतोष कुमार नामक फेसबुक प्रोफाइल पर वायरल वीडियो मिला। जिसे सितंबर 04, 2025 को अपलोड किया गया था।

कैप्शन के अनुसार, “हाजीपुर के सांसद सह केंद्रीय मंत्री माननीय चिराग पासवान जी के सहयोगी मनोहर चौधरी जी के माता जी के निधन के उपरांत अस्पताल पहुंचकर पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर शोकाकुल परिजन से मुलाकात कर ढाढस बढाया। ईश्वर मृत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति।”
उपरोक्त मिली जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Lok janshakti Party नामक ट्विटर प्रोफाइल पर मिला जिसे सितंबर 05, 2025 को अपलोड किया गया था। यहाँ भी बताया गया है कि वायरल वीडियो उस दौरान का है जब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के सहयोगी मनोहर चौधरी के माता के निधन पर उनसे मिलने पहुंचे थे।
पटना कार्यालय के वरिष्ठ सहयोगी श्री मनोहर जी की पूजनीय माता जी के निधन पर, कल राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री आदरणीय श्री @iChiragPaswan जी ने शोकाकुल परिवार से भेंट कर गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं तथा इस दुःख की घड़ी में पूरे परिवार को संबल प्रदान किया। pic.twitter.com/h550ESa7Y5
— Lok Janshakti Party (Ramvilas) (@LJP4India) September 5, 2025
पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि सितंबर साल 2025 के दौरान का है जिसे हालिया दिनों का बताते हुए अवैध भवनों खिलाफ हुई अतिक्रमण हटाओ की कार्रवाई से जोड़कर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।





