“डील लगभग तय”: EIC सौरभ शुक्ला का बड़ा खुलासा, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। EIC सौरभ शुक्ला ने ताज़ा घटनाक्रम पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होते नजर आ रहे हैं और एक बड़ा समझौता लगभग तय हो चुका है।
Strait of Hormuz खुला, वैश्विक बाजार को राहत
सौरभ शुक्ला के मुताबिक Strait of Hormuz अब सभी जहाजों के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की जो नाकाबंदी थी, वह केवल ईरान से जुड़े जहाजों तक सीमित थी और वह अभी भी जारी है, ताकि किसी तरह के हथियार ईरान तक न पहुंच सकें।
उन्होंने इसे “शांति की दिशा में पहला बड़ा कदम” बताया और कहा कि इससे भारत जैसे देशों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि भारत का ज्यादातर तेल और उर्वरक इसी रास्ते से आता है। इससे कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
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— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) April 17, 2026
ट्रंप के बयान से संकेत—डील लगभग तैयार
डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान का जिक्र करते हुए सौरभ शुक्ला ने कहा कि यह “बड़ा दिन” इसलिए बताया जा रहा है क्योंकि एक डील लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस वीकेंड तक समझौते की अंतिम रूपरेखा सामने आ सकती है।
इस्लामाबाद में हो सकती है अगली वार्ता
सूत्रों के हवाले से सौरभ शुक्ला ने बताया कि बातचीत का अगला दौर इस्लामाबाद में हो सकता है, जो शनिवार या रविवार तक होने की संभावना है। इसके बाद समझौते की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
उन्होंने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि ईरान अपने पास मौजूद enriched uranium छोड़ने को तैयार हो सकता है। यह अमेरिका की सबसे बड़ी मांगों में से एक रही है। हालांकि इसके बदले ईरान कुछ आर्थिक शर्तें भी रख सकता है।
कई देशों की अहम भूमिका
सौरभ शुक्ला के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में कई देशों ने अहम भूमिका निभाई है। नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत भी इसी दिशा में थी। इसके अलावा भारत, रूस, फ्रांस, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों ने भी शांति प्रक्रिया में योगदान दिया है।
इजरायल-लेबनान समझौता भी बड़ा फैक्टर
उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल और लेबनान के बीच हुआ समझौता इस पूरी शांति प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। अमेरिका के दबाव में इजरायल ने लेबनान पर हमले रोकने पर सहमति जताई, जिससे हालात को स्थिर करने में मदद मिली।
सौरभ शुक्ला का मानना है कि अब दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों से थोड़ा पीछे हटकर समझौते की ओर बढ़ रहे हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है और दुनिया को एक बड़ी राहत मिल सकती है।





