उत्तरी जापान में फिर आया 6.7 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी

टोक्यो, 12 दिसंबर 2025 – उत्तरी जापान के प्रशांत तटीय क्षेत्र में शुक्रवार को एक बार फिर तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए. 6.7 रिक्टर स्केल पर मापे गए इस भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. यह इस सप्ताह दूसरा प्रमुख भूकंपीय झटका है, जिसने सोमवार को आए विनाशकारी भूकंप के बाद पहले से ही डरे हुए स्थानीय लोगों में फिर से भय का माहौल पैदा कर दिया है.
भूकंप की तीव्रता में संशोधन
जापान मौसम विभाग (JMA) के अनुसार, समुद्रीय क्षेत्र में आए इस भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 6.5 आंकी गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 6.7 मैग्नीट्यूड कर दिया गया. मौसम विभाग ने सतर्कता जारी करते हुए कहा कि उत्तरी प्रशांत तटवर्ती क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में एक मीटर (लगभग तीन फीट) ऊंचाई तक की सुनामी की लहरें आ सकती हैं.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (USGS) ने भी भूकंप की तीव्रता की पुष्टि की है. विभाग ने बताया कि भूकंप का केंद्र होंशू द्वीप पर स्थित इवाते प्रीफेक्चर के कुजी शहर से करीब 130 किलोमीटर (81 मील) की दूरी पर था.
सोमवार के भूकंप से कम, लेकिन चिंताजनक
सरकारी प्रसारक NHK ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि शुक्रवार को आया यह भूकंप सोमवार को आए 7.5 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप की तुलना में कम शक्तिशाली था. सोमवार के उस भूकंप में कम से कम 50 लोग घायल हुए थे. उस घटना में अलमारियों से सामान गिरने, खिड़कियों के टूटने और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें आई थीं. इसके अलावा 70 सेंटीमीटर ऊंचाई तक की सुनामी लहरें भी उठी थीं.
एक सप्ताह तक और भूकंप की आशंका
सोमवार के शक्तिशाली भूकंप के तुरंत बाद, जापान मौसम विभाग ने एक विशेष सलाह जारी की थी, जिसमें स्थानीय लोगों को चेताया गया था कि आगामी एक सप्ताह तक समान या उससे अधिक तीव्रता का एक और भूकंप आने की संभावना है. यह चेतावनी उत्तर-पूर्वी होंशू के सैनरिकु क्षेत्र और प्रशांत तट के साथ होक्काइडो के विभिन्न हिस्सों के लिए लागू की गई है.
2011 की त्रासदी की याद
उत्तरी जापान आज भी 2011 में आई उस भयानक त्रासदी की छाया में जी रहा है, जब 9.0 तीव्रता का समुद्र के नीचे से आया भूकंप आया था. उस भूकंप के बाद आई विध्वंसकारी सुनामी में लगभग 18,500 लोगों की जानें गई थीं या वे लापता हो गए थे, साथ ही फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना भी हुई थी.
भूकंप प्रवण देश
जापान, जो प्रशांत “रिंग ऑफ फायर” के साथ चार प्रमुख विवर्तनिक प्लेटों के ऊपर स्थित है, प्रतिवर्ष लगभग 1,500 भूकंपों का अनुभव करता है. इनमें से अधिकांश भूकंप हल्के होते हैं, हालांकि गहराई और स्थान के आधार पर उनका प्रभाव भिन्न-भिन्न होता है.
इस नवीनतम भूकंप ने एक बार फिर जापान की भूकंप और सुनामी के प्रति संवेदनशीलता को रेखांकित किया है और आपदा प्रबंधन की निरंतर तैयारियों की आवश्यकता को उजागर किया है.





