खतरनाक प्रदूषण के बीच दिल्ली में कृत्रिम बारिश की शुरुआत, क्लाउड सीडिंग ट्रायल सफल

दिल्ली में पहली बार कृत्रिम बारिश की कोशिश की गई है। कानपुर से भेजे गए क्लाउड सीडिंग विमान ने मंगलवार दोपहर अपना ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उम्मीद की जा रही है कि शाम 7 बजे से पहले राजधानी में हल्की बारिश शुरू हो सकती है, जिससे खतरनाक स्तर पर पहुँच चुके प्रदूषण में थोड़ी राहत मिले।
दिल्ली सरकार के मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने पुष्टि की है कि यह क्लाउड सीडिंग ऑपरेशन फिलहाल एक प्रयोगात्मक पहल के रूप में किया जा रहा है ताकि प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। क्लाउड सीडिंग दरअसल एक वैज्ञानिक तकनीक है, जिसमें चांदी के आयोडाइड या नमक आधारित खास कणों को बादलों में छोड़ा जाता है। ये कण नमी से भरे बादलों में पानी की बूंदों को इकट्ठा करने में मदद करते हैं, जिससे बारिश की संभावना बढ़ जाती है। यह प्रक्रिया विशेष विमान की मदद से आसमान में निश्चित ऊँचाई पर की जाती है।
यह ऑपरेशन उस समय किया गया है जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण लगातार गंभीर स्तर पर बना हुआ है और ग्रैप (GRAP) के स्तर-2 लागू होने के बावजूद हालात में सुधार नहीं हो रहा है। मंगलवार दोपहर 1 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 304 था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। कुछ प्रमुख इलाकों में AQI इस प्रकार रहा—
आनंद विहार: 311
आर.के. पुरम: 316
सीरी फोर्ट: 347
बवाना: 334
बुराड़ी क्रॉसिंग: 319
द्वारका सेक्टर 8: 311
मुंडका: 318
नरेला: 302
पंजाबी बाग: 313
सभी प्वाइंट्स ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किए गए, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रयास को ‘एक ज़रूरत’ बताते हुए कहा कि यह कोई साधारण प्रयोग नहीं, बल्कि पर्यावरण संकट से निपटने की दिशा में एक साहसिक कदम है। उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा, “क्लाउड सीडिंग दिल्ली की आवश्यकता है और यह अपने तरह का पहला प्रयोग है। हम देखना चाहते हैं कि क्या इससे प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है। दिल्ली की जनता का आशीर्वाद हमारे साथ है, और हमें विश्वास है कि यह सफल होगा। भविष्य में यह बड़े पैमाने पर समाधान बन सकता है।”
अधिकारियों का कहना है कि आज के परीक्षण के परिणामों के आधार पर आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति अनुकूल होने पर दिल्ली-एनसीआर में बड़े स्तर पर क्लाउड सीडिंग ऑपरेशन चलाया जा सकता है।





