ताज़ा खबरें

छठ पूजा का तीसरा दिन आज, जानें संध्या अर्घ्य का समय

छठ पूजा का तीसरा दिन आज, जानें संध्या अर्घ्य का समय

 

सनातन धर्म में छठ पूजा का महत्व बहुत अहम माना गया है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार छठ पूजा दिवाली के छह दिन बाद मनाया जाता है साथ ही छठ पूजा में भगवान सूर्यदेव की अराधना की जाती है। इस साल छठ पूजा का उत्सव शुक्रवार, 17 नवंबर, 2023 को शुरू हुआ। चार दिवसीय छठ पूजा का समापन 20 नवंबर को होगा। गौरतलब है किछठ का त्योहार पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में मनाया जाता है।

बता दें कि तीन दिवसीय छठ पूजा में हर दिन का अलग-अलग अनुष्ठान होता है। पहले दिन श्रद्धालु पवित्र स्नान करते हैं। दूसरे दिन व्रत रखा जाता है और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा तीसरे और चौथे दिन तक जारी रहती है। वहीं आज छठ के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिए जाने की परंपरा है, जिसका समय 05 बजकर 26 मिनट पर होगा।

छठ पर्व का तीसरा दिन जिसे संध्या अर्घ्य के नाम से जाना जाता है। यह चैत्र या कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सुबह से अर्घ्य की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। पूजा के लिए लोग प्रसाद जैसे ठेकुआ, चावल के लड्डू बनाते हैं. छठ पूजा के लिए बांस की बनी एक टोकरी ली जाती है, जिसमें पूजा के प्रसाद, फल, फूल, आदि अच्छे से सजाए जाते हैं। एक सूप में नारियल, पांच प्रकार के फल रखे जाते हैं।

सूर्यास्त से थोड़ी देर पहले लोग अपने पूरे परिवार के साथ नदी के किनारे छठ घाट जाते हैं. छठ घाट की तरफ जाते हुए रास्ते में महिलाएं गीत भी गाती हैं. इसके बाद व्रती महिलाएं सूर्य देव की ओर मुख करके डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर पांच बार परिक्रमा करती हैं. अर्घ्य देते समय सूर्य देव को दूध और जल चढ़ाया जाता है. उसके बाद लोग सारा सामान लेकर घर आ जाते है. घाट से लौटने के बाद रात्रि में छठ माता के गीत गाते हैं.

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button