
नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका द्वारा की गई जवाबी सैन्य कार्रवाई के बाद से वैश्विक बाजारों में खलबली मच गई है। इस हमले के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बुधवार को भारी उछाल देखने को मिला है, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
ताजा आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें 3.2% बढ़कर 76.60 डॉलर प्रति बैरल के इंट्राडे हाई पर पहुंच गई हैं। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स में भी 2.6% की बढ़ोतरी देखी गई है, जो अब 72.33 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
क्यों हुई ये सैन्य कार्रवाई?
यह तनाव तब बढ़ा जब अमेरिका ने 7 जुलाई को ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में की गई है। इस हमले में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड नेटवर्क, रडार साइट्स और दर्जनों नौकाओं को निशाना बनाया गया।
ईरान की चेतावनी और अमेरिकी प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात पर नए प्रतिबंध भी फिर से लागू कर दिए हैं, जिससे बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है। जवाब में ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिका को “करारा जवाब” देने की चेतावनी दी है।
सोने की कीमतों में गिरावट
एक तरफ जहां कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं, वहीं सुरक्षित निवेश के रूप में देखे जाने वाले सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती के चलते COMEX गोल्ड 0.49% गिरकर 4,137.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और डॉलर की मांग बढ़ने से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।





