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फैक्ट चेक: मेरठ में लगी एथलीट नीरज चोपड़ा की प्रतिमा से चोरी नहीं हुआ उनका भाला, अफवाह हुई वायरल

फैक्ट चेक: मेरठ में लगी एथलीट नीरज चोपड़ा की प्रतिमा से चोरी नहीं हुआ उनका भाला, अफवाह हुई वायरल

 

सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल खबर में जानकारी दी जा रही है कि मेरठ के एक चौराहे पर एथलीट नीरज चोपड़ा की प्रतिमा से उनका भाला चोरी हो गया है। फेसबुक पर वायरल खबर को पोस्ट कर लिखा या है कि, ‘मेरेठ में नीरज चोपड़ा के प्रतिमा का भाला चोरी हो गया है, पुलिस पेट्रोलिंग के बाद भी बाजार से चोरी हुआ भाला’।

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल खबर एक अफवाह है, नीरज चोपड़ा के प्रतिमा से भाला चोरी नहीं हुआ।  

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में विकास प्राधिकरण की तरफ से कई चौराहों का सौंदर्यीकरण किया गया है। इसके तहत कई चौराहों पर खिलाडियों के प्रतिमा बनवाए गए हैं। इसी क्रम में हापुड़ के अड्डा चौराहे पर इंटरनेशनल एथलीट नीरज चोपड़ा का भी प्रतिमा बनवाया गया था, जिसमें वह भाला फेंकते नजर आ रहे हैं। इसी प्रतिमा को लेकर खबर है कि नीरज चोपड़ा के प्रतिमा से भाला (जैवलिन) चोरी हो गया है।

वायरल खबर की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमने सबसे पहले कुछ संबंधित कीवर्ड से गूगल पर खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें आजतक की वेबसाइट पर वायरल खबर से संबंधित एक लेख मिला जिसे वेबसाइट पर 05 सितंबर 2023 को छापा गया था।

प्राप्त लेख में जानकारी दी गयी है कि वायरल खबर पर पुलिस ने प्रतक्रिया देते हुए इसे गलत बताया है। पुलिस ने जांच के बाद कहा कि अंतराष्ट्रीय एथलीट नीरज चोपड़ा की प्रतिमा से भाला चोरी नहीं हुआ है बल्कि उसे बदला गया है।

उपरोक्त लेख से मिली जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें गूगल पर मेरठ पुलिस का ट्वीट मिला। ट्वीट में जानकारी दी गयी है कि नीरज चोपड़ा की प्रतिमा से भाला चोरी नहीं हुआ है वह असल में अफवाह है।  उन्होंने ट्विटर पर जानकारी दी गयी है कि 2 माह पूर्व उनके द्वारा स्वयं जो नकली भाला लगा था उसको व्यापार बंधुओं के सुझाव के आधार पर बदल कर असली भाला लगाया गया है । जो वर्तमान में भी लगा है।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल खबर एक अफवाह है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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