
पूरे देश में सक्रिय हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून ने भारी तबाही मचा रखी है। शुक्रवार को भी कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं, भूस्खलन (landslide) की घटनाएं बढ़ी हैं और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है। विभिन्न बारिश-संबंधी घटनाओं में 10 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
उत्तर भारत में बाढ़ और बारिश का संकट
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उत्तराखंड: यहाँ भारी बारिश के कारण भूस्खलन की खबरें हैं। नलू पानी में हुए भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे बंद हो गया है, जिससे चार धाम यात्रा पर असर पड़ा है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं, जिसके चलते रुद्रप्रयाग में स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
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उत्तर प्रदेश: IMD ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, सहारनपुर सहित कई जिलों में शुक्रवार को स्कूल बंद रखे गए हैं। प्रयागराज में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर है।
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हिमाचल प्रदेश: भारी बारिश ने राज्य में जनजीवन ठप कर दिया है। 75 सड़कें अवरुद्ध हैं और बिजली व पानी की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
अन्य राज्यों का हाल
गुजरात के सूरत में पिछले कुछ दिनों में भारी बाढ़ के कारण 17 लोगों की मौत की खबर है। वहीं, केरल के वायनाड में भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी भारी बारिश का यह दौर जारी रहने की संभावना है।





