Chhath Puja 2021: आज नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ छठ महापर्व
छठ पूजा हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और धार्मिक त्योहारों में से एक है। रोशनी और भाई दूज के त्योहार के बाद, छठ पूजा सूर्य को समर्पित और प्रार्थना करने के लिए मनाई जाती है।
भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों के विपरीत, छठ पूजा चार दिनों की अवधि में और मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश राज्यों की सीमाओं के भीतर और नेपाल के मधेश क्षेत्र में मनाई जाती है।
🔲 बिहार: पटना में आज से छठ पूजा नहाय-खाय के साथ शुरू हो गई है। इस पर्व पर श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में स्नान किया।
एक महिला ने बताया, “आज नहाय-खाय के साथ छठ पूजा शुरू हो गई है। आज से जो लोग छठ पूजा करते हैं उनके व्रत शुरू हो जाते हैं। घाटों पर लोगों की भीड़ भी दिखाई दे रही है।” pic.twitter.com/kEKlCWARm5
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) November 8, 2021
इस लोक आस्था के पर्व पर छठ व्रती उगते और डूबते डुए सूर्य को अर्घ्य देकर उनकी आराधना करती हैं. इस व्रत को साल में दो बार चैत्र में और दूसरी बार कार्तिक में में मनाया जाता है. बता दें कि कार्तिक मास में किए जाने वाले छठ की अधिक मान्यता है.
छठ 2021 (8 – 11 नवंबर)
8 नवंबर 2021- (नहाय-खाय 2021)
9 नवंबर 2021- (खरना 2021)
10 नवंबर 2021- (डूबते सूर्य को अर्घ्य)
11 नवंबर 2021- (उगते सूर्य को अर्घ्य)
आपको बता दें कि आज यानी 8 नवंबर 2021 से छठ 2021 महापर्व शुरू हो चुका है. चार दिन तक चलने वाले इस त्योहार में कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय 2021 है. इस खास दिन छठ व्रती किसी नदी, तलाब या सरोवर के पास जाकर स्नान करती हैं और इसके बाद दिन भर में केवल एक बार ही सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं. छठ के दूसरे दिन यानी पंचमी को खरना कहा जाता है. इस दिन छठ व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखती है और शाम में को अरवा चावल की बनी खीर और रोटी छठी मईया को अर्पण करके बाद में उनका प्रसाद ग्रहण करती है. इसके साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है.





