विदेश

पीएम मोदी ने पेश किया ‘गंगा-महाकम विजन’, भारत-इंडोनेशिया रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए ‘गंगा-महाकम विजन’ की घोषणा की। यह पांच सूत्रीय रोडमैप भारत और इंडोनेशिया के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पीएम मोदी तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरे पर हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे भारत की गंगा और इंडोनेशिया की महाकम नदी अपने-अपने देशों की पहचान हैं, वैसे ही दोनों देशों के रिश्ते भी सदियों पुराने हैं। उन्होंने कहा कि विचारों, संस्कृति, व्यापार और आस्था ने भारत और इंडोनेशिया को लंबे समय से जोड़े रखा है और अब इन संबंधों को नई दिशा देने का समय है।

पांच अहम बिंदुओं पर रहेगा फोकस

पीएम मोदी ने बताया कि गंगा-महाकम विजन पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—

  • सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करना
  • दोनों देशों का साझा विकास
  • सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग बढ़ाना
  • समुद्री क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करना
  • ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की आवाज को मजबूत बनाना

सांस्कृतिक संबंध होंगे और मजबूत

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को नई मजबूती देने के लिए भारत-इंडोनेशिया सिविलाइजेशनल डायलॉग शुरू किया जाएगा। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव और बढ़ेगा।

रक्षा और सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया रक्षा क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। दोनों देश आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक भरोसा हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में स्थिरता की मजबूत नींव बनेगा।

समुद्री क्षेत्र में मिलेंगे नए अवसर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया अपनी साझा समुद्री स्थिति का लाभ उठाते हुए कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, ब्लू इकोनॉमी, समुद्री सुरक्षा और व्यापार के क्षेत्र में नए अवसर तैयार करेंगे। उन्होंने सबांग से ग्रेट निकोबार और मलक्का मार्ग तक सहयोग बढ़ाने की बात कही।

ग्लोबल साउथ की आवाज होगी मजबूत

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया मिलकर विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंच पर मजबूत करेंगे। दोनों देश ऐसी विश्व व्यवस्था के पक्षधर हैं, जहां विकास सबके लिए हो, तकनीक सभी की पहुंच में हो और वैश्विक संस्थाओं में सभी देशों को समान प्रतिनिधित्व मिले।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया की मजबूत साझेदारी सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता और विकासशील देशों के हितों के लिए भी महत्वपूर्ण है। दौरे के दौरान पीएम मोदी ने आधिकारिक गेस्ट बुक में भी हस्ताक्षर किए, जिसे भारत और इंडोनेशिया के बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों का एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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