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बैंक की लापरवाही से आदिवासी व्यक्ति की मौत का आरोप, शव के साथ परिजनों का प्रदर्शन

परिजनों का दावा है कि ई-केवाईसी (e-KYC) के नाम पर बैंक ने महीनों तक पैसे नहीं दिए, जिससे समय पर इलाज न होने के कारण मरीज ने दम तोड़ दिया।

गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के बरगढ़ थाना क्षेत्र में एक आदिवासी व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने झारखंड ग्रामीण बैंक के बाहर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। परिजनों ने बैंक प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

मृतक रतन लाकड़ा अपनी सरकारी पेंशन के जरिए अपना इलाज करवा रहे थे। परिजनों का आरोप है कि बैंक ने ई-केवाईसी पूरा न होने का हवाला देकर महीनों तक उनके खाते से पैसे नहीं निकालने दिए।

रतन लाकड़ा की बहू फूलमनी टोप्पो ने बताया, “हमने ई-केवाईसी के लिए तीन महीने तक बैंक के चक्कर लगाए। बैंक मैनेजर के निर्देश पर हम मरणासन्न स्थिति में रतन लाकड़ा को स्ट्रेचर पर बैंक लाए थे। केवाईसी पूरा होने के बाद भी हमें पैसे नहीं मिले, जिससे इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई।”

बैंक का क्या है कहना?

वहीं, इस मामले पर बैंक अधिकारियों ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। झारखंड ग्रामीण बैंक के कैशियर विकास कुमार ने कहा, “ई-केवाईसी पूरी हो चुकी थी, लेकिन उसके बाद कोई भी परिजन पैसे निकालने बैंक नहीं आया। अब उनकी मृत्यु के बाद वे शव लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।”

फिलहाल बैंक ने इन दावों को नकारा है कि उन्होंने पैसे रोके थे। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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