
तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार और दफन समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कब और कहाँ होगा अंतिम संस्कार?
ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, अंतिम संस्कार के कार्यक्रम कई दिनों तक चलेंगे, जिसकी शुरुआत 4 जुलाई से होगी। 7 जुलाई को पवित्र शहर कोम में रस्में निभाई जाएंगी। अंतिम संस्कार का समापन 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में होगा, जहाँ उन्हें दफनाया जाएगा।
2 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद
इस अंतिम संस्कार में तेहरान, मशहद और कोम सहित पूरे ईरान से लगभग 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह संख्या 1989 में इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमेनी के अंतिम संस्कार में आए 1 करोड़ लोगों के रिकॉर्ड को तोड़ सकती है। इस कार्यक्रम में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित कई विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के भी शामिल होने की संभावना है।
तनाव के बीच शांति की पहल
यह निमंत्रण ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में शांति समझौते पर सहमति बनी है। राष्ट्रपति पेज़ेशकियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डिजिटल समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं, और स्विट्जरलैंड में लंबी अवधि की शांति वार्ता जारी है।
घटनाक्रम का बैकग्राउंड
86 वर्षीय अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को एक संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में हुई थी। उनके निधन के बाद, उनके 56 वर्षीय बेटे मोजतबा होसैनी खामेनेई ने 8 मार्च को ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में कार्यभार संभाला था। हालांकि, उनके स्वास्थ्य और वर्तमान स्थान को लेकर अभी भी अटकलें बनी हुई हैं।





