
उत्तर प्रदेश में लखनऊ समेत कई जिलों में प्रशासन का बुलडोजर और कार्रवाई का चाबुक चलने लगा है। हाल ही में लखनऊ में हुई एक दर्दनाक अग्निकांड की घटना, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी, के बाद सरकार ने यह सख्त रुख अपनाया है।
लखनऊ और अन्य जिलों में जारी है सघन जांच
लखनऊ के अलीगंज-कपूरथला इलाके में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), दमकल विभाग और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों में भारी खामियां पाए जाने पर प्रशासन ने कई कोचिंग सेंटर्स को सील कर दिया है।
सिर्फ लखनऊ ही नहीं, बल्कि मथुरा और अलीगढ़ में भी प्रशासन सख्त नजर आया है। मथुरा में जिला प्रशासन ने दो दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटर्स, लाइब्रेरी, होटलों और गेस्ट हाउसों को सील किया है जो सुरक्षा और नियामक मानदंडों का उल्लंघन कर रहे थे।
बेसमेंट में चल रहे संस्थानों पर विशेष नजर
अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य वे संस्थान हैं जो बेसमेंट या भूमिगत परिसरों से संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों के पास न तो उचित सुरक्षा व्यवस्था थी, न ही स्वीकृत बिल्डिंग प्लान या अनिवार्य पंजीकरण।
अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों से बिल्डिंग के स्वीकृत नक्शे और अन्य दस्तावेज मांगे हैं। जो संस्थान दस्तावेज पेश करने में विफल रहे हैं, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं और सख्त कानूनी चेतावनी दी गई है।
सरकार का स्पष्ट निर्देश
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को व्यापक सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि ‘उत्तर प्रदेश कोचिंग रेगुलेशन एक्ट, 2002’ के तहत बिना पंजीकरण के चल रहे संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अलीगढ़ में जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने एक एकीकृत अग्नि सुरक्षा समिति के गठन की घोषणा की है, जो स्कूलों, कोचिंग सेंटरों, मॉल और अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की नियमित ऑडिट करेगी।






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