AI साइंस-टेक्नोलॉजीताज़ा खबरेंविदेश

भारतीय मूल के NASA अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने भरी अंतरिक्ष के लिए उड़ान, रूस के Soyuz यान से पहुंचे ISS

NASA के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 8 महीने तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर रहकर वैज्ञानिक शोध करेंगे।

अंतरिक्ष समाचार डेस्क: भारतीय मूल के नासा (NASA) के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने मंगलवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से रूस के ‘सोयुज MS-29’ अंतरिक्ष यान के जरिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए सफलतापूर्वक उड़ान भरी।

यह मिशन अंतरिक्ष में अनिल मेनन की पहली यात्रा है। इस अभियान के दौरान वे करीब आठ महीने तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहेंगे और वहां वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देंगे।

कौन हैं अनिल मेनन?

49 वर्षीय अनिल मेनन का जन्म मिनियापोलिस में हुआ था और उनके माता-पिता भारतीय और यूक्रेनी मूल के हैं। नासा के अंतरिक्ष यात्री दल में शामिल होने से पहले, वे स्पेसएक्स (SpaceX) में पहले फ्लाइट सर्जन के रूप में काम कर चुके हैं। इसके अलावा, वे एक डॉक्टर रहे हैं और अमेरिकी अंतरिक्ष बल (US Space Force) में कर्नल भी रह चुके हैं।

अंतरिक्ष में करेंगे विशेष शोध

ISS पर रहने के दौरान, अनिल मेनन कई वैज्ञानिक प्रयोगों और तकनीकी प्रदर्शनों का हिस्सा होंगे। उनका शोध मुख्य रूप से भविष्य के मानव अंतरिक्ष अभियानों को बेहतर बनाने पर केंद्रित होगा।

उनके शोध में ये प्रमुख कार्य शामिल होंगे:

  • माइक्रोग्रैविटी में सेमीकंडक्टर क्रिस्टल का निर्माण।

  • अंतरिक्ष में रक्त परिसंचरण का अध्ययन।

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) की मदद से अंतरिक्ष चिकित्सा।

  • वैस्कुलर टिश्यू की बायो-प्रिंटिंग।

रूस और अमेरिका का सहयोग

इस मिशन का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह अमेरिका और रूस के बीच जारी अंतरिक्ष सहयोग को दर्शाता है। हालांकि दोनों देशों के बीच भू-राजनीतिक तनाव है, लेकिन वे ISS मिशनों के लिए लगातार सहयोग कर रहे हैं, जिससे अंतरिक्ष यात्री एक-दूसरे के यानों से यात्रा कर सकते हैं।

इस लॉन्च के दौरान नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन भी बैकोनूर कॉस्मोड्रोम में मौजूद थे, जो पिछले आठ वर्षों में नासा प्रमुख की वहां पहली यात्रा थी।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button