ईरान मुद्दे पर ट्रंप नाराज, कहा- सीनेट के फैसले ने बढ़ाई मुश्किलें

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार पावर्स एक्ट (War Powers Act) को लेकर सीनेट में हुई वोटिंग की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि इस कदम से ईरान के साथ अमेरिका की बातचीत की स्थिति कमजोर हुई है और समझौते की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि वोटिंग से पहले ईरान काफी दबाव में था और वह अमेरिका के सामने बड़े समझौते करने के लिए तैयार दिखाई दे रहा था। उन्होंने दावा किया कि तेहरान पहले कभी इतनी नरमी और सम्मान के साथ बात नहीं कर रहा था जितना इस समय कर रहा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि सीनेट की इस वोटिंग ने ईरान को गलत संदेश दिया है। उनके अनुसार, इससे यह संकेत गया कि अमेरिकी नेतृत्व की रणनीति को देश के भीतर पूरा समर्थन नहीं मिल रहा है, जिससे अमेरिका की बातचीत की स्थिति कमजोर पड़ सकती है।
ट्रंप ने उन चार रिपब्लिकन सीनेटरों की भी आलोचना की, जिन्होंने इस मुद्दे पर डेमोक्रेट सांसदों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से ईरान के साथ चल रहे कूटनीतिक प्रयास और अधिक जटिल हो गए हैं। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान ईरानी प्रतिनिधियों ने भी सीनेट की वोटिंग का जिक्र किया और इसके महत्व को लेकर सवाल उठाए। इससे उन्हें चिंता है कि यह घटनाक्रम अमेरिका की सौदेबाजी की ताकत को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, आलोचना के बावजूद ट्रंप ने भरोसा जताया कि उनकी सरकार ईरान को लेकर अपने लक्ष्य हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि यह वोटिंग उनके लिए मुश्किलें जरूर बढ़ाती है, लेकिन वह अपने उद्देश्यों को पूरा करके रहेंगे।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा है। इसी बीच वार पावर्स एक्ट को लेकर बहस ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सैन्य कार्रवाई जैसे मामलों में राष्ट्रपति के अधिकार कितने होने चाहिए और कांग्रेस की भूमिका क्या होनी चाहिए।





