वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर BRICS देशों को साथ आने की जरूरत: अजीत डोभाल

नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तेजी से डिजिटल होती दुनिया में साइबर हमले, नई तकनीकों का दुरुपयोग और आतंकवाद के नए रूप देशों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।
बैठक को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरे अब सीमाओं तक सीमित नहीं रहे हैं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों के कारण ये खतरे लगातार बढ़ रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि बैठक में आतंकवाद विरोधी सहयोग और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के सुरक्षित उपयोग से जुड़े ब्रिक्स के दो संयुक्त कार्य समूहों की रिपोर्ट पर भी चर्चा की जाएगी।
अजीत डोभाल ने कहा कि दुनिया इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। विभिन्न क्षेत्रों में सैन्य संघर्ष, भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक दबाव और नई तकनीकों से जुड़े जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और तंत्र इन समस्याओं का प्रभावी समाधान निकालने में पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं।
डोभाल ने ब्रिक्स को एक महत्वपूर्ण समूह बताते हुए कहा कि इसकी स्थापना उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
बैठक की शुरुआत अजीत डोभाल द्वारा विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के स्वागत से हुई। इस दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु सहित ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक से पहले सभी प्रतिनिधियों ने समूह फोटो भी खिंचवाई।





