INR: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे की मजबूती, जानिए क्या हैं कारण?

नई दिल्ली: शुक्रवार, 29 मई 2026 की सुबह INR के लिए सकारात्मक रही। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, INR अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे की बढ़त के साथ 95.53 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। इससे पहले, रुपया 95.77 पर खुला था और शुरुआती कारोबार के दौरान इसने 95.78 का निचला स्तर भी छुआ था।
INR में मजबूती के पीछे की मुख्य वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बढ़त के पीछे सबसे बड़ा कारण भू-राजनीतिक मोर्चे पर आई एक सकारात्मक खबर है। अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत दोनों देश अगले 60 दिनों के लिए संघर्ष विराम (ceasefire) बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं।
इस समझौते का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा है। विदेशी मुद्रा (Forex) व्यापारियों का मानना है कि इस कदम से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते व्यापार का प्रवाह सुचारू रूप से जारी रहेगा। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए यहां तनाव कम होने से बाजार की चिंताएं कम हुई हैं, जिसका लाभ उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं, विशेषकर रुपये को मिला है।
डॉलर इंडेक्स की स्थिति
जहां एक ओर INR मजबूत हुआ है, वहीं दूसरी ओर डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक (अमेरिकी डॉलर) की मजबूती को मापता है, 99.09 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 0.07% की मामूली बढ़त देखी गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत अभी भी जारी है, लेकिन संघर्ष विराम का विस्तार निवेशकों में एक अस्थायी राहत लेकर आया है। आने वाले दिनों में बाजार की नजरें वैश्विक तेल कीमतों और केंद्रीय बैंक की गतिविधियों पर टिकी रहेंगी, जो रुपये की चाल को आगे दिशा देंगी।





