गुजरात में UCC बिल के खिलाफ मुस्लिम संगठनों का हल्ला बोल: विरोध प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई की तैयारी

Ahmedabad: गुजरात विधानसभा द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित किए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। ‘गुजरात मुस्लिम हित रक्षक समिति’ नामक एक प्रमुख संगठन ने इस बिल को “अलोकतांत्रिक” और “मुस्लिम विरोधी” बताते हुए इसके खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन और कानूनी संघर्ष का ऐलान किया है।
विरोध की मुख्य योजना
समिति के अनुसार, विरोध की शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके से की जाएगी:
- 3 अप्रैल (जुम्मा): राज्य भर में मुस्लिम समुदाय के लोग अपनी दाहिनी बाजू पर काली पट्टी बांधकर जुम्मे की नमाज के दौरान अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
- विशेष प्रार्थना (यौम-ए-दुआ): मस्जिदों में इस बिल के खिलाफ विशेष दुआएं मांगी जाएंगी और मुफ्ती अहमद देवला द्वारा तैयार किया गया एक विशेष खुत्बा (सर्मन) पढ़ा जाएगा।
- 6 अप्रैल: विभिन्न प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपेंगे और जिला मुख्यालयों के बाहर मौन धरना (Silent Sit-in) प्रदर्शन करेंगे।
संवैधानिक और कानूनी आपत्तियां
समिति के संयोजक मौलाना खादिम लालपुरी और सगीर अहमद अंसारी का तर्क है कि यह बिल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की मूल भावना के खिलाफ है। उनके अनुसार, UCC पूरे देश के लिए एक समान होना चाहिए, न कि केवल विशेष राज्यों द्वारा अलग-अलग तरीके से लागू किया जाना। संगठन ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से इस बिल को खारिज करने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने घोषणा की है कि वे इस कानून की वैधता को गुजरात हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
समिति का आरोप है कि यह बिल आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखकर “राजनीतिक लाभ” के लिए लाया गया है। संगठन अब अन्य धार्मिक और सामाजिक समूहों से भी समर्थन मांग रहा है ताकि इसे केवल धार्मिक नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों का मुद्दा बनाया जा सके।





