लेह-लद्दाख में शुक्रवार को दो भूकंप के झटके, तीव्रता 4.7 तक
लेह, लद्दाख में शुक्रवार को दो भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, पहला भूकंप सुबह 8:31 बजे आया जिसकी तीव्रता 3.9 रिक्टर रही और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। वहीं दूसरा भूकंप 10:10 बजे आया, जिसकी तीव्रता 4.7 रिक्टर और गहराई 28 किलोमीटर थी।
NCS ने अपनी पोस्ट में कहा कि ये झटके ज़मीन की सतह से लेकर 700 किलोमीटर तक की गहराई में हो सकते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से इन झटकों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
- शैलो (Shallow): 0-70 किलोमीटर
- इंटरमीडिएट (Intermediate): 70-300 किलोमीटर
- डीप (Deep): 300-700 किलोमीटर
इस तरह, लेह में आए दोनों भूकंप शैलो फोकस (उथले) भूकंप माने जाते हैं।
सैटेलाइट ने सुनामी की शुरुआती अवस्था की दी जानकारी
पिछले साल रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पास आए शक्तिशाली भूकंप के बाद सैटेलाइट ने सुनामी के शुरुआती चरण का अध्ययन किया। इस भूकंप की तीव्रता 8.8 रिक्टर थी और इससे पैसिफिक महासागर में सुनामी पैदा हुई थी।
अमेरिकी और फ्रेंच एजेंसियों द्वारा संचालित NASA-CNES SWOT सैटेलाइट ने भूकंप के 70 मिनट के भीतर महासागर की सतह की जांच की। सैटेलाइट ने मुख्य लहर के साथ-साथ उसके पीछे की छोटी-छोटी लहरों के पैटर्न को भी रिकॉर्ड किया। यह पैटर्न पहले सिर्फ कंप्यूटर मॉडल में दिखता था, लेकिन वास्तविक आंकड़े नहीं मिल पाते थे।
सैटेलाइट द्वारा मिली यह जानकारी वैज्ञानिकों को सुनामी और भूकंप के कारणों को बेहतर समझने में मदद कर सकती है। वैज्ञानिक Ignacio Sepúlveda का कहना है कि SWOT सैटेलाइट सुनामी की उत्पत्ति और फैलाव को देखने का नया तरीका पेश करता है और इससे आने वाले समय में प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तैयारी बेहतर हो सकती है।
सुनामी बेहद शक्तिशाली प्राकृतिक घटना होती है और इसके कारण तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और भारी नुकसान हो सकता है। हालांकि इस अध्ययन में आई सुनामी से जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इतिहास में 2004 के इंडियन ओशन सुनामी ने लगभग 2,30,000 लोगों की जान ले ली थी।





