
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल 15 से 17 जून तक फ्रांस में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जाएंगे।
भारत की यह यात्रा दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ आर्थिक सहयोग, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देने के प्रयास का हिस्सा है। हालांकि भारत G7 समूह का सदस्य नहीं है, लेकिन इसे हमेशा शिखर सम्मेलन में आउटरीच पार्टनर के तौर पर आमंत्रित किया जाता रहा है।
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। भारत की भागीदारी यह दिखाती है कि देश अब अंतरराष्ट्रीय फैसलों और रणनीतिक मामलों में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के लिए यह एक और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम होगा, जो भारत की वैश्विक मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी और बहुपक्षीय संवाद में प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शिखर सम्मेलन की पूरी कार्यसूची और बैठकें कार्यक्रम के नजदीक समय में जारी की जाएंगी।





