छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू का कहर: 4,400 मुर्गियों की मौत, प्रशासन अलर्ट

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ के कोनी क्षेत्र स्थित एक सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू (Avian Influenza) के प्रकोप के कारण पिछले कुछ दिनों में कम से कम 4,400 मुर्गियों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद पशुपालन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जी.एस. तंवर के अनुसार, मुर्गियों की मौत का सिलसिला 19 मार्च से 24 मार्च 2026 के बीच शुरू हुआ। शुरुआती जांच में यह एक घातक वायरल संक्रमण पाया गया, जिसकी पुष्टि बाद में बर्ड फ्लू के रूप में हुई। इतनी बड़ी संख्या में मुर्गियों की अचानक मौत ने पोल्ट्री व्यवसाय और स्थानीय निवासियों के बीच डर पैदा कर दिया है।
प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने निगरानी (Surveillance) तेज कर दी है:
• सैंपलिंग और टेस्टिंग: प्रभावित फार्म के आसपास के इलाकों से नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं।
• प्रतिबंध: संक्रमित क्षेत्र के आसपास मुर्गियों और अंडों की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
• कंटेनमेंट जोन: प्रभावित फार्म के 1 से 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित किया गया है।
बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय
विशेषज्ञों ने आम जनता और पोल्ट्री फार्म मालिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
- मृत पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
- मुर्गियों और अंडों को अच्छी तरह पकाकर (70°C से ऊपर) ही खाएं।
- पोल्ट्री फार्म में साफ-सफाई और बायो-सिक्योरिटी का विशेष ध्यान रखें।
बिलासपुर में बर्ड फ्लू का यह संक्रमण अगर समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह राज्य के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी संदिग्ध पक्षी की मौत की सूचना तुरंत विभाग को दें।





