ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज कप्तान एलिसा हीली मार्च में लेंगी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास

ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और महिला क्रिकेट इतिहास की महान खिलाड़ियों में शामिल एलिसा हीली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 35 वर्षीय हीली मार्च में भारत के खिलाफ होने वाली घरेलू वनडे और टेस्ट सीरीज के बाद अपने शानदार करियर को अलविदा कह देंगी।
एलिसा हीली ने साल 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। करीब 15 साल के लंबे करियर में उन्होंने तीनों फॉर्मेट को मिलाकर 7000 से ज्यादा रन बनाए और विकेटकीपर के तौर पर 275 से अधिक बल्लेबाजों को आउट किया। मेग लैनिंग के संन्यास के बाद 2023 के अंत में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी संभाली थी।
एलिसा हीली का नाम महिला क्रिकेट के कई बड़े और ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स में दर्ज है। वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड उनके नाम है, जब उन्होंने 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ 170 रन की यादगार पारी खेली थी।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उनका दबदबा साफ नजर आता है। 2019 में श्रीलंका के खिलाफ 148 रन की नाबाद पारी खेलकर उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया। इसके अलावा, महिला और पुरुष क्रिकेट को मिलाकर टी20 अंतरराष्ट्रीय में विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा 126 शिकार करने का रिकॉर्ड भी हीली के नाम है।
टीम उपलब्धियों की बात करें तो एलिसा हीली छह टी20 वर्ल्ड कप और दो वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। कुल आठ विश्व खिताब जीतना महिला क्रिकेट में बेहद खास और दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है।
संन्यास की घोषणा करते हुए एलिसा हीली ने कहा कि यह फैसला लेना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा, “मिली-जुली भावनाओं के साथ मैं यह कह रही हूं कि भारत के खिलाफ आने वाली सीरीज ऑस्ट्रेलिया के लिए मेरी आखिरी होगी। मुझे लगता है कि अब मेरे अंदर वह प्रतिस्पर्धी ऊर्जा नहीं रही, जो मुझे हमेशा आगे बढ़ाती थी। इसलिए मुझे लगा कि अब सही समय आ गया है।”
उन्होंने यह भी साफ किया कि वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा नहीं लेंगी और इसी वजह से भारत के खिलाफ टी20 मैचों में भी नहीं खेलेंगी। हालांकि, वह घरेलू मैदान पर भारत के खिलाफ वनडे और टेस्ट मैचों में कप्तानी करते हुए अपने करियर का समापन करने को लेकर उत्साहित हैं।
एलिसा हीली ने बताया कि वह पिछले तीन महीनों से संन्यास पर गंभीरता से विचार कर रही थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि हर मैच में पूरी ताकत से खेलने और लगातार प्रतिस्पर्धा में बने रहने की चाह ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से काफी थका दिया है।
हीली का कहना है कि वह अपने करियर का आखिरी अध्याय घरेलू दर्शकों के सामने और भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ लिखना चाहती थीं। उनके मुताबिक, इससे बेहतर विदाई उनके लिए हो ही नहीं सकती।





