सुरक्षा चिंताओं के बीच बांग्लादेश में बंद हुए भारतीय वीजा सेंटर

ढाका, 18 दिसंबर 2025 – केंद्र सरकार ने मंगलवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर (IVAC) को बंद करने का नोटिस जारी किया है. यह निर्णय बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए लिया गया है, जिसमें चरमपंथी तत्वों से खतरे और बांग्लादेशी नेताओं की उकसावे भरी टिप्पणियां प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं.
वीजा केंद्र की स्थिति
ढाका के जमुना फ्यूचर पार्क में स्थित IVAC का मुख्य केंद्र दोपहर 2 बजे से बंद कर दिया गया है. केंद्र द्वारा जारी नोटिस में मौजूदा सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए यह कदम उठाया गया है. इस फैसले से पहले से अपॉइंटमेंट लेकर आए आवेदक भी प्रभावित हुए हैं.
बांग्लादेश में भारत के कुल 16 वीजा केंद्र संचालित हैं, जो प्रतिवर्ष लगभग 22 लाख आवेदनों का निपटारा करते हैं.
भारतीय हाई कमीशन की सुरक्षा पर चिंता
केंद्र सरकार ने यह निर्णय ऐसे समय लिया है जब भारत ने बांग्लादेश के हाई कमिश्नर मुहम्मद रियाज हमीदुल्लाह को तलब किया था. ढाका में भारतीय हाई कमीशन की सुरक्षा को लेकर भारत ने गंभीर चिंता व्यक्त की है.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कुछ चरमपंथी तत्वों ने भारतीय मिशन के आसपास सुरक्षा स्थिति को बिगाड़ने की योजना बनाई है. भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है कि वह बांग्लादेश में अस्थिरता पैदा कर रहा है.
बांग्लादेशी नेता की धमकी
बांग्लादेश के नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्लाह ने भारत को खुली धमकी दी थी. 15 दिसंबर को एक रैली में उन्होंने कहा था कि यदि बांग्लादेश को अस्थिर किया गया तो प्रतिरोध की आग सीमाओं के पार तक फैलेगी. उन्होंने भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (सेवन सिस्टर्स) को अलग करने और अलगाववादियों को पनाह देने की धमकी भी दी है.
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग
बांग्लादेश ने भारतीय हाई कमिश्नर को तलब कर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई है. शेख हसीना पिछले साल अगस्त में सत्ता से हटने के बाद भारत में रह रही हैं. मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के कार्यकाल से भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ता जा रहा है.
भारत का रुख
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह बांग्लादेश की जनता से मित्रता चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा और मिशनों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने में नहीं हिचकिचाएगा.





