मेस्सी की झलक के लिए कोलकाता में अफरातफरी, सुरक्षा घेरा टूटा, आयोजक गिरफ्तार

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी के दौरे के दौरान शुक्रवार को हालात बेकाबू हो गए. साल्ट लेक स्टेडियम में दुनिया के सबसे लोकप्रिय फुटबॉलर की सिर्फ 22 मिनट की झलक भी न देख पाने से नाराज प्रशंसकों ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया, जिसके बाद कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था फैल गई.
14 साल बाद भारत लौटे मेसी अपने ‘GOAT इंडिया टूर 2025’ के तहत देश में आए हैं. इस दौरे के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता को प्रशंसकों के बवाल और कार्यक्रम के कुप्रबंधन के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
आयोजक के खिलाफ कार्रवाई
सताद्रु दत्ता ‘ए सताद्रु दत्ता इनिशिएटिव’ के तहत काम करते हैं और इससे पहले महान फुटबॉलरों पेले, डिएगो माराडोना और काफू जैसे दिग्गजों के लिए भारत में कार्यक्रमों का आयोजन कर चुके हैं. सिर्फ कोलकाता ही नहीं, सताद्रु पर ही अलग-अलग शहरों में मेसी के पूरे दौरे के आयोजन की जिम्मेदारी है. कोलकाता के बाद मेसी हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली का भी दौरा करेंगे.
DGP ने बताई स्थिति
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार ने कहा, “हमने पहले ही मुख्य आयोजक को हिरासत में ले लिया है. हम यह सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं कि यह कुप्रबंधन बिना सजा के न जाए.”
#WATCH | कोलकाता: मेस्सी के कोलकाता इवेंट में हुई अफ़रा-तफ़री पर पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार ने कहा, “हमने पहले ही मुख्य आयोजक को हिरासत में ले लिया है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं कि यह मिसमैनेजमेंट बिना सज़ा के न जाए…” pic.twitter.com/2Wtxhs9zW9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 13, 2025
उन्होंने आगे कहा, “प्रशंसकों में किसी तरह का गुस्सा या बेचैनी थी, जो कह रहे थे कि वह नहीं खेल रहे हैं. योजना यह थी कि वह यहां आएंगे, कुछ लोगों से मिलेंगे और चले जाएंगे. अब सरकार ने पहले ही एक समिति बना दी है जो सभी पहलुओं को देखेगी, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या आयोजकों की तरफ से कोई कुप्रबंधन हुआ था या कुछ अन्य बात थी. अब स्थिति नियंत्रण में है. हमने आयोजक को पहले ही हिरासत में ले लिया है.”
प्रशंसकों की नाराजगी का कारण
साल्ट लेक स्टेडियम में जमा हजारों प्रशंसक मेसी को खेलते हुए देखने की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें केवल 22 मिनट तक ही फुटबॉल के इस महानायक की झलक मिल सकी. इससे निराश और क्रोधित प्रशंसकों ने सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ दिया, जिससे पूरे आयोजन में अफरातफरी मच गई.
राज्य सरकार द्वारा गठित समिति अब इस पूरे मामले की जांच करेगी और यह तय करेगी कि आयोजकों की ओर से कहां चूक हुई और इस कुप्रबंधन के लिए कौन जिम्मेदार है.





