बैंक फ्रॉड केस में जय अनमोल अंबानी और पूर्व CEO पर कार्रवाई

CBI ने व्यवसायी अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी मामले में आपराधिक केस दर्ज किया है। यह पहला मौका है जब अनिल अंबानी के बेटे के नाम किसी ऐसे आपराधिक मामले में आया है। मामला रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक फ्रॉड से संबंधित है, जिसमें बैंक को लगभग 228 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है। केस में RHFL, उसके पूर्व CEO रविंद्र सुधालकर और अन्य अज्ञात लोगों और सरकारी कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं।
शिकायत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर अनुप विनायक तारले ने दर्ज कराई, जिसमें कहा गया है कि RHFL ने 2015 से 2019 के बीच मुंबई में बैंक से वित्तीय मदद मांगी और मजबूत वित्तीय स्थिति दिखाकर लोन हासिल किया। बैंक ने इस आधार पर 450 करोड़ रुपये के टर्म लोन मंजूर किए और 100 करोड़ रुपये के डिबेंचर खरीदे। कंपनी का दावा था कि ये राशि तय शर्तों के मुताबिक इस्तेमाल की जाएगी, लेकिन शिकायत में आरोप है कि लोन की रकम सही उद्देश्यों पर खर्च न होकर दूसरी कंपनियों में घुमा दी गई।
सितंबर 2019 में यह लोन खाता नॉन-परफॉर्मिंग हो गया और अक्टूबर 2024 में बैंक ने इसे “फ्रॉड” घोषित कर रिजर्व बैंक को रिपोर्ट किया। बैंक का कहना है कि कंपनी के पूर्व डायरेक्टर, जिनमें जय अनमोल अंबानी और सुधालकर शामिल हैं, रोज़मर्रा के संचालन और वित्तीय फैसलों में शामिल थे और उनके कार्यों से सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ। एक फॉरेंसिक ऑडिट में यह पाया गया कि उधार ली गई राशि का बड़ा हिस्सा सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से अन्य कंपनियों और ग्रुप एंटिटीज़ में ट्रांसफर किया गया और कई ट्रांजैक्शनों का असली उपयोग पता नहीं चल सका।
शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने मिलकर बैंक को धोखा देने और अकाउंट्स में हेरफेर करने की साजिश रची। कई रिलायंस समूह की कंपनियों के जरिए भी पैसा घुमाए जाने के आरोप हैं, जबकि बैंक ने कहा कि अभी तक आंतरिक कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट नहीं है। CBI ने केस को IPC की धोखाधड़ी और साजिश की धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी CBI की बैंकिंग फ्रॉड शाखा के इंस्पेक्टर रोशन लाल को दी गई है।





