सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार की बड़ी पहल

केंद्र सरकार देश में हवाई सेवाओं और हवाई अड्डों के विकास को लगातार बढ़ावा दे रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि एयरपोर्टों का आधुनिकीकरण, यात्रियों की जरूरतों, सुरक्षा मानकों और एयरलाइनों की मांग के आधार पर लगातार जारी रहने वाली प्रक्रिया है।
सरकार क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए अलग-अलग राज्यों के साथ लगातार बैठकें कर रही है। इसी कड़ी में 25 अगस्त 2025 को भुवनेश्वर में पूर्वी क्षेत्र का सिविल एविएशन सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें ओडिशा, झारखंड और पूर्वी भारत के अन्य राज्यों ने हवाई नेटवर्क बढ़ाने के लिए अपनी जरूरतों और योजनाओं पर चर्चा की। ऐसे सम्मेलन पर्यटन वाले क्षेत्रों—जैसे राजस्थान—के लिए भी फैसले तेजी से लेने में मदद करते हैं।
UDAN योजना के तहत बिहार के पूर्णिया एयरपोर्ट का विकास किया गया और 15 सितंबर 2025 को इसका उद्घाटन हुआ। अब यह एयरपोर्ट कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे शहरों से सीधा जुड़ चुका है। साल 2025 में भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर राज्य सरकार को MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) सुविधाओं के लिए जमीन आवंटित की गई। इसी तरह कोलकाता एयरपोर्ट पर भी एवर डिलीवर लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड को MRO सुविधा के लिए जमीन दी गई। अगस्त 2025 में झारखंड के दुमका में एक नया फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) भी मंजूर किया गया।
सरकार ने 19 अगस्त 2025 को राजस्थान के कोटा-बूंदी में एक नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी भी दी। इस परियोजना पर करीब 1507 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। UDAN योजना ने पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी, पर्यटन और उद्योग को नई गति दी है। इसने दूर-दराज क्षेत्रों को स्वास्थ्य सेवाओं और रोज़गार से भी बेहतर तरीके से जोड़ा है। केंद्र सरकार ने हाल ही में Modified UDAN Scheme की घोषणा की है, जिसके तहत देश में 120 नए स्थानों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अगले दस साल में इस योजना के तहत 4 करोड़ यात्रियों को सेवाएं देने का अनुमान है।
ओडिशा के गुडारी (फूलबनी) और राजस्थान के मानपुर (अबू रोड) के एयरस्ट्रिप भी UDAN योजना में शामिल हैं, लेकिन अभी तक किसी एयरलाइन ने इन रूटों पर उड़ानों के लिए बोली नहीं लगाई है।





