पीएम मोदी ने वर्चुअली संबोधित किया ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को घोषणा की कि वर्ष 2026 को “भारत-आसियान समुद्री सहयोग वर्ष” के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी भारत और आसियान (ASEAN) देशों की सदी है। पीएम मोदी ने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित 22वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आसियान भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” का एक प्रमुख स्तंभ है और भारत व आसियान का रिश्ता केवल व्यापार या भौगोलिक निकटता तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “भारत और आसियान मिलकर दुनिया की लगभग एक चौथाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम सिर्फ भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और मूल्यों से भी जुड़े हुए हैं।”
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ” भारत और आसियान मिलकर विश्व की लगभग एक-चौथाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम न केवल भूगोल साझा करते हैं, बल्कि गहरे ऐतिहासिक संबंधों और साझे मूल्य के जोड़ से जुड़े हुए हैं। हम वैश्विक दक्षिण का हिस्सा हैं। हमारे बीच न केवल… pic.twitter.com/f9bIStXsYz
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 26, 2025
मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को सम्मेलन की मेजबानी के लिए बधाई दी और भारत के साझेदारी समन्वयक के रूप में फिलीपींस को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत आसियान की केंद्रीयता और इंडो-पैसिफिक पर आसियान दृष्टिकोण (AOIP) के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी (नीली अर्थव्यवस्था) और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत और आसियान देशों का सहयोग पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुआ है। इसी को देखते हुए भारत ने 2026 को “भारत-आसियान समुद्री सहयोग वर्ष” के रूप में घोषित किया है। यह पहल शिक्षा, पर्यटन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित होगी। मोदी ने कहा कि इसका लक्ष्य सतत (sustainable) और समावेशी (inclusive) विकास को बढ़ावा देना है।
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ” इस वर्ष आसियान शिखर सम्मेलन का विषय ‘समावेशीपन और स्थिरता’ है। यह विषय हमारे साझा प्रयासों में स्पष्ट रूप से दिखती है – चाहे वह डिजिटल समावेशन हो या वर्तमान चुनौतियों के बीच खाद्य सुरक्षा और लचीली आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करना। भारत… pic.twitter.com/KXJcw3KKdV
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 26, 2025
प्रधानमंत्री ने इस साल के आसियान सम्मेलन की थीम “इनक्लूसिविटी एंड सस्टेनेबिलिटी” (समावेशिता और स्थायित्व) की सराहना की और कहा कि यह भारत की विकास प्राथमिकताओं और वैश्विक प्रतिबद्धताओं से मेल खाती है। उन्होंने कहा कि भारत और आसियान दोनों ही डिजिटल समावेशन, खाद्य सुरक्षा और मजबूत सप्लाई चेन के लिए लगातार काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आसियान की “कम्युनिटी विजन 2045” और भारत की “विकसित भारत 2047” योजनाएं एशिया को एक स्थिर और समृद्ध महाद्वीप बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने आसियान में टिमोर-लेस्ते (Timor-Leste) के 11वें सदस्य के रूप में शामिल होने का स्वागत किया और थाईलैंड की क्वीन मदर सिरीकिट के निधन पर संवेदना व्यक्त की। वर्तमान में आसियान में 11 देश शामिल हैं — ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम और अब टिमोर-लेस्ते।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-आसियान की “कंप्रीहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” आने वाले वर्षों में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, विकास और स्थिरता की मजबूत नींव साबित होगी।





