“इंसानों की जगह मशीनें नहीं ले सकतीं” — टिली नॉरवुड पर बहस तेज़

टिली नॉरवुड इस समय हॉलीवुड की सबसे विवादित “अभिनेत्री” बन गई हैं — लेकिन हैरानी की बात यह है कि वो असली इंसान नहीं, बल्कि एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई एक्ट्रेस हैं। इस AI एक्ट्रेस को डच एक्ट्रेस और कॉमेडियन एलाइन वान डर वेल्डेन ने बनाया है। उन्होंने 27 सितंबर को स्विट्जरलैंड में हुए टेक इवेंट ‘ज्यूरिख समिट’ में बताया कि कई टैलेंट एजेंसियां टिली को साइन करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।
टिली नॉरवुड एक AI जनरेटेड किरदार है जिसे वान डर वेल्डेन की कंपनी Xicoia ने बनाया है। यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नए “टैलेंट” तैयार करती है। वेल्डेन ने कहा कि जब उन्होंने टिली को पहली बार लॉन्च किया था, तब लोगों को इसमें कोई खास दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन कुछ ही महीनों में बड़े प्रोडक्शन हाउस और एजेंसियों ने इसमें रुचि दिखानी शुरू कर दी।
उनका कहना है कि वे टिली को हॉलीवुड की बड़ी अभिनेत्रियों जैसे स्कारलेट जोहानसन या नताली पोर्टमैन की तरह बनाना चाहती हैं। अगर कोई टैलेंट एजेंसी टिली को साइन करती है, तो यह पहली बार होगा जब किसी पूरी तरह से कंप्यूटर-जनरेटेड “अभिनेत्री” को एक पेशेवर एजेंसी द्वारा प्रतिनिधित्व मिलेगा।
हॉलीवुड के कई अभिनेता, निर्देशक और क्रिएटिव लोग इस ट्रेंड का विरोध कर रहे हैं। अभिनेत्री एमिली ब्लंट ने Variety से कहा, “ये वाकई डरावना है… एजेंसियों से गुज़ारिश है कि ऐसा न करें। कृपया इंसानों से हमारा जुड़ाव मत छीनिए।” निर्देशक लुका ग्वादानिनो ने X (पहले ट्विटर) पर लिखा, “ये फिल्म इंडस्ट्री के अंत की शुरुआत है… अब असली एक्टर्स को अलविदा कहिए।”
वान डर वेल्डेन ने टिली की तुलना स्कारलेट जोहानसन से की, जिससे विवाद और बढ़ गया। साल 2024 में जोहानसन ने आरोप लगाया था कि OpenAI ने उनकी आवाज़ जैसी आवाज़ बिना इजाज़त इस्तेमाल की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया। AI के इस्तेमाल को लेकर 2023 में हॉलीवुड में बड़ी हड़ताल भी हुई थी। कलाकारों का कहना था कि उनकी छवि और आवाज़ का इस्तेमाल बिना अनुमति और भुगतान के नहीं होना चाहिए। अभिनेताओं की यूनियन SAG-AFTRA ने भी टिली को लेकर बयान जारी किया।
उन्होंने कहा, “टिली नॉरवुड कोई असली एक्ट्रेस नहीं है, बल्कि एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जिसे असली कलाकारों के काम पर आधारित करके बनाया गया है — वो भी बिना किसी की अनुमति या मेहनताना दिए।” यूनियन ने यह भी कहा कि AI पर आधारित किरदारों में कोई असली भावनाएं नहीं होतीं और दर्शक ऐसी कहानियों से जुड़ नहीं पाते।
बढ़ते विरोध के बीच एलाइन वान डर वेल्डेन ने 28 सितंबर को इंस्टाग्राम पर बयान जारी किया। उन्होंने लिखा, “टिली किसी इंसान का विकल्प नहीं है, बल्कि एक रचनात्मक कला का हिस्सा है। जैसे एनीमेशन, कठपुतली या CGI ने नए तरीके से कहानियां दिखाईं, वैसे ही AI एक नया टूल है।” उन्होंने यह भी कहा कि AI इंसानों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि नई कल्पनाओं को आकार देने के लिए है।





