विदेश

पाकिस्तान के क्वेटा में बड़ा आतंकी हमला, कार बम धमाके में लगभग 10 की मौत

पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी शहर क्वेटा में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है। फ्रंटियर कांस्टेबुलरी (Pakistan’s paramilitary security forces) के मुख्यालय के बाहर हुए कार बम धमाके में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज मीलों दूर तक सुनी गई। घटनास्थल के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि लोग सड़क पर चल रहे थे तभी अचानक एक भयानक धमाका हुआ और पूरे इलाके में आग की लपटें और काले धुएं का गुबार छा गया।

पुलिस के मुताबिक, चार हमलावर एक कार में सवार होकर आए थे। बम फोड़ने से पहले वे कार से उतरे और सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद कार में भीषण विस्फोट हुआ। आसपास के कई वाहन और इमारतों की खिड़कियां भी टूट गईं। धमाके के तुरंत बाद राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रांतीय स्वास्थ्य मंत्री बख्त काकर ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

हालांकि किसी भी संगठन ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) पर शक जताया जा रहा है। यह संगठन लंबे समय से बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की मांग को लेकर सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले करता रहा है।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सर्फराज बुगटी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, “हमारे सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में चारों आतंकियों को मार गिराया। आतंकवादी हमारे हौसले को तोड़ नहीं सकते, और हमारे जवानों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी।” यह धमाका ऐसे समय हुआ है जब कुछ सप्ताह पहले ही क्वेटा के पास एक स्टेडियम के बाहर एक आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 13 लोग मारे गए और 30 से ज्यादा घायल हुए थे। बलूचिस्तान लंबे समय से उग्रवाद और अलगाववादी आंदोलनों का गढ़ रहा है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button