नवरात्रि पर आज होगी कुमारिका पूजा, जानिए इसका महत्व और शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आज कुमारिका पूजा (कुमारी पूजा/कन्या पूजन/कंजक पूजन) का आयोजन किया जाएगा। इस पूजा का महत्व बहुत खास माना जाता है क्योंकि इसमें छोटी कन्याओं को देवी दुर्गा का साक्षात स्वरूप मानकर पूजित किया जाता है।
कुमारी का अर्थ अविवाहित लड़कियों से है, जिन्हें पवित्रता और दिव्य शक्ति का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि नवरात्रि के प्रत्येक दिन कुमारी पूजा की जा सकती है। पहले दिन एक कन्या, दूसरे दिन दो कन्याएं और इसी तरह नौवें दिन तक यह संख्या नौ तक बढ़ाई जाती है। हालांकि, अधिकतर लोग इसे अष्टमी और नवमी तिथि पर करते हैं।
क्यों की जाती है कुमारी पूजा?
कुमारी पूजा स्त्री शक्ति और उसकी पवित्रता का सम्मान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 2 से 10 वर्ष तक की कन्याएं इस पूजा के लिए योग्य मानी जाती हैं। प्रत्येक उम्र को देवी के अलग-अलग रूप से जोड़ा गया है—जैसे कुमारिका, त्रिमूर्ति, कल्याणी, रोहिणी, काली, चंडिका, शांभवी, दुर्गा, भद्रा और सुभद्रा।
मान्यता है कि इस दिन कन्याओं का पूजन करने से माता दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-समृद्धि, सफलता और खुशहाली आती है।
कब है दुर्गा अष्टमी 2025?
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 29 सितंबर 2025 को शाम 4:31 बजे शुरू और 30 सितंबर को शाम 6:06 बजे समाप्त होगी। भक्त इस शुभ समय में माता की आराधना और कन्या पूजन कर सकते हैं।





