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फैक्ट चेक: वीडियो में पुलिस की लाठी खाती महिला नहीं है RJD प्रवक्ता कंचन यादव, जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी सड़क पर उमड़ी भीड़ को खदेड़ते हुए नजर आ रही है, इसी दौरान एक पुलिसकर्मी एक महिला पर लाठी भांजते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा  किया जा रहा है कि वायरल वीडियो में पुलिस की मार खाती महिला RJD पार्टी की प्रवक्ता कंचन यादव हैं। जो वीडियो में लाठी के दर्द से चिल्लाते हुए नजर आ रही है।

इसी वीडियो को फेसबुक पर शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “अर्रे रे रे रे…पुलिस ने RJD की प्रवक्ता कंचना यादव का तवा कुछ ज्यादा ही गर्म कर दिया.”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो में RJD प्रवक्ता कंचन यादव नहीं हैं। 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता जानने के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो TV5 नामक यूट्यूब चैनल पर मिला, जिसे सितंबर 08, 2025 को अपलोड किया गया था। वीडियो यहाँ किसी अन्य भाषा के कैप्शन के साथ अपलोड किया गया है। गूगल ट्रांसलेटर की सहायता से हमने जाना कि वायरल वीडियो की घटना को यहाँ कर्नाटक के मड्डूर में हुए लाठीचार्ज का बताया गया था।

 

 

उपरोक्त मिली जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया, खोज के दौरान हमें सितंबर 11, 2025 को अपलोड किया गया एक वीडियो मिला। प्राप्त वीडियो में वायरल क्लिप वाली महिला को भी बखूबी देखा जा सकता है। प्राप्त न्यूज़ रिपोर्ट में बताया गया कि मड्डूर में गणेश विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के चलते हुए प्रदर्शन में पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसी दौरान ज्योति नाम की महिला पर भी लाठियां बरसाई गईं और वह सड़क पर बैठकर रोती हुई दिखाई दी।

उपरोक्त पड़ताल के दौरान प्राप्त तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो में पुलिस की लाठिया खाती महिला RJD प्रवक्ता कंचन यादव नहीं है और न ही यह वीडियो बिहार का है। असल में वायरल वीडियो वाली घटना कर्नाटक के मड्डूर में हुए लाठीचार्ज की है, जिसे इन दिनों सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रह है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking
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