मॉनसून का प्रकोप! जम्मू में फ्लैश फ्लड, झारखंड में मौतें, दिल्ली में भी असर
रविवार, 24 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि 27 अगस्त तक राज्य में मध्यम से तेज बारिश के साथ बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की संभावना है।

रविवार, 24 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि 27 अगस्त तक राज्य में मध्यम से तेज बारिश के साथ बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की संभावना है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया, “कंट्रोल रूम सक्रिय हैं और सीएम ऑफिस लगातार विभागों से संपर्क में है। प्रभावित इलाकों में पानी निकासी और पानी-बिजली जैसी जरूरी सेवाओं को बहाल करना हमारी प्राथमिकता है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।”
बारिश के कारण कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया और नदियां-नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। जम्मू शहर में रातभर की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कों और नालों में पानी भर गया, बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और कई जगहों पर दीवारें गिर गईं। जनिपुर, रूप नगर, तालाब टिल्लो और संजय नगर इलाकों में हालात सबसे खराब रहे। फ्लैश फ्लड में करीब एक दर्जन गाड़ियां बह गईं।
कठुआ जिले के लोगेट मोड़ के पास नाले में उफान आने से पुल को नुकसान हुआ, जिसके चलते हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे खुले रहे, लेकिन मुगल रोड और सिंथन रोड पर भूस्खलन के कारण यातायात बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने चिनाब, तवी, उज और रावी नदियों में जलस्तर बढ़ने की जानकारी दी है। एनडीआरएफ और पुलिस टीमें अलर्ट पर हैं।
जम्मू शहर में 24 घंटे में 190.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो अगस्त में पिछले 100 साल में दूसरी सबसे ज्यादा बारिश है। सबसे ज्यादा बारिश 5 अगस्त 1926 को 228.6 मिमी दर्ज की गई थी। 2022 में 189.6 मिमी बारिश हुई थी। क्षेत्र में उधमपुर में 144.2 मिमी, कटरा में 115 मिमी, सांबा में 109 मिमी और कठुआ में 90.2 मिमी बारिश हुई। वहीं श्रीनगर में सिर्फ 13.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
झारखंड में दो दिन से हो रही लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हो चुकी है। कई सड़कों पर पानी भर गया, पुल और घर क्षतिग्रस्त हो गए और किसानों को भारी नुकसान हुआ। रांची मौसम केंद्र ने 15 जिलों में सोमवार सुबह तक और 12 जिलों में मंगलवार तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। केंद्र के प्रभारी बाबुराज पीपी ने कहा, “बारिश की तीव्रता रविवार से कम होगी, लेकिन 29 अगस्त तक रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर बनने की संभावना है।”
झारखंड में 1 जून से अब तक 927.7 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य औसत 738.3 मिमी है। यानी 32% ज्यादा बारिश हुई है। सुवर्णरेखा, खड़कई, बराकर और दामोदर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 36 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने दिनभर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई है। न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। नमी 97% तक पहुंच गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 69 दर्ज किया गया, जो “संतोषजनक” श्रेणी में है।





