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रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ‘द रणवीर शो’ फिर से शुरू करने की दी अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रणवीर इलाहाबादिया को अपना ‘द रणवीर शो’ फिर से प्रसारित करने की अनुमति दे दी, बशर्ते कि वह यह वचन दें कि उनके पॉडकास्ट में नैतिकता और शालीनता के वांछित मानकों को बनाए रखा जाएगा, ताकि किसी भी आयु वर्ग के दर्शक इसे देख सकें.

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इलाहाबादिया को अपना शो फिर से शुरू करने की अनुमति है, क्योंकि 280 कर्मचारियों की आजीविका इसके प्रसारण पर निर्भर करती है.

 

यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर कर आदेश के एक हिस्से को हटाने की मांग की है, जिसमें उन्हें अपने शो प्रसारित करने से रोक दिया गया था और कहा गया है कि उनके पास 280 कर्मचारी हैं और यह उनकी आजीविका है. सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्होंने जिज्ञासा से शो देखा, और यह अश्लील नहीं है, लेकिन विकृत है। हास्य एक चीज है, अश्लीलता एक चीज है, और विकृतता दूसरे स्तर की है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर गौर किया किय अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के प्रसारण या प्रसारण को रोकने के लिए कुछ विनियमनों की आवश्यकता हो सकती है जो हमारे समाज के ज्ञात नैतिक मानकों के संदर्भ में स्वीकार्य नहीं हैं.

 

शीर्ष न्यायालय ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल से कहा कि वे विचार-विमर्श करें और कुछ ऐसे उपाय सुझाएँ जो मुक्त भाषण और अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार पर अतिक्रमण न करें, लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रभावी हों कि वे अनुच्छेद 19(4) के दायरे में हों.

 

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि इस संबंध में कोई भी मसौदा नियामक उपाय सार्वजनिक डोमेन में रखा जा सकता है ताकि इस संबंध में कोई भी विधायी या न्यायिक उपाय करने से पहले हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए जा सकें.

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