पीएम मोदी का असम दौरा: सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक विकास को मिली नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बिहार दौरे के बाद असम पहुंचे, जहां उन्होंने गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में आयोजित ‘झुमोइर बिनंदिनी’ कार्यक्रम में भाग लिया। असम के चाय बागानों की संस्कृति को दर्शाने वाले इस आयोजन में पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने इस दौरान झूमर नृत्य की भव्य प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि पूरा स्टेडियम ऊर्जा, उल्लास और उमंग से भर गया है। प्रधानमंत्री ने चाय बागानों की महक और सुंदरता की चर्चा करते हुए कहा, “चाय की खुशबू को एक चाय वाला सबसे बेहतर जानता है।”
#WATCH असम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज असम में यहां एक अद्भुत माहौल है। ऊर्जा से भरा माहौल है। उत्साह उल्लास और उमंग से ये पूरा स्टेडियम गूंज रहा है। झूमर नृत्य के कलाकारों की तैयारी हर तरफ नजर आ रही है। इस तैयारी में चाय बागानों की सुगंध भी है और उनकी सुंदरता भी है।… https://t.co/kPJ1YyqFRj pic.twitter.com/nBatdExObW
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 24, 2025
असमिया भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने असमिया भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की घोषणा की, जिसे राज्य के लोग लंबे समय से प्रतीक्षित कर रहे थे। उन्होंने इस ऐतिहासिक मान्यता को असम की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के लिए महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, उन्होंने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में अपने प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने यहाँ की जैव विविधता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि असम के ऐतिहासिक चराईदेव मोइदम को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए भाजपा सरकार के प्रयासों को सराहते हुए कहा कि सरकार असम के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
#WATCH असम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं असम के काजीरंगा में रुकने वाला, दुनिया को उसकी जैव विविधता के बारे में बताने वाला पहला प्रधानमंत्री हूं। हमने कुछ ही महीने पहले असमिया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा भी दिया है। असम के लोग अपनी भाषा के इस सम्मान का इंतजार दशकों से कर… pic.twitter.com/Ba0ADgDKCb
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चाय बागान श्रमिकों के लिए योजनाएँ
असम के चाय बागानों में कार्यरत महिलाओं के कल्याण के लिए पीएम मोदी ने एक नई योजना की घोषणा की, जिसके तहत 1.5 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹15,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, चाय श्रमिकों की आय में सुधार के लिए असम चाय निगम के कर्मचारियों के लिए बोनस देने की भी घोषणा की गई।
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चाय बागान समुदाय के पारंपरिक ढोल ‘धोमसा’ को भी बजाया। इस खास पल का वीडियो असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा, “प्रधानमंत्री ने चाय बागान समुदाय के हमारे बहनों और भाइयों के पारंपरिक संगीत को आत्मसात किया।”
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में ‘झुमोइर बिनंदिनी’ कार्यक्रम में पारंपरिक ड्रम बजाया।
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गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए ऐतिहासिक नृत्य प्रदर्शन
सरुसजाई स्टेडियम में 8,500 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत झुमुर नृत्य ने असम के चाय बागान समुदायों की गहरी सांस्कृतिक जड़ों को उजागर किया। इस भव्य आयोजन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ‘असम एडवांटेज 2.0’ प्रदर्शनी का उद्घाटन करने वाले है, जहाँ वे निवेशकों से मुलाकात करेंगे और राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के लिए रणनीतिक पहलों की रूपरेखा तैयार करेंगे। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान, वे मंगलवार को ‘एडवांटेज असम 2.0’ वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और 60 देशों के राजनयिक भी शामिल होंगे, जो असम की चाय विरासत के वैश्विक महत्व को दर्शाएंगे।





