सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के कानून को चुनौती, CJI संजीव खन्ना ने सुनवाई से खुद को किया अलग

सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के कानून को चुनौती, CJI संजीव खन्ना ने सुनवाई से खुद को किया अलग
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्त (EC) की नियुक्ति के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई से CJI संजीव खन्ना ने खुद को अलग कर लिया है। मामले की सुनवाई 6 जनवरी से शुरू होगी और इसके लिए नई बेंच का गठन किया जाएगा।
गौरतलब है कि मार्च 02, 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था, जिसमें कहा गया था कि CEC और EC की नियुक्ति तीन सदस्यीय पैनल की तरफ से की जाएगी। इसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शामिल होंगे लेकिन सरकार ने क़ानून लाकर इस नियुक्ति में चीफ जस्टिस की भूमिका को खत्म कर दिया था। नया कानून पास करते हुए इस कमेटी में चीफ जस्टिस को न रखते हुए पीएम की तरफ से नामित प्रतिनिधि को जगह दी है।
संसद से पारित हुए इसी नए कानून के खिलाफ कांग्रेस नेता जया ठाकुर, वकील गोपाल सिंह, नमन श्रेष्ठ समेत कुछ और याचिकाकर्ताओं ने याचिका दाखिल की है। इन याचिकाओं में चीफ इलेक्शन कमिश्नर एंड अदर इलेक्शन कमिश्नर्स (अपॉइंटमेंट) एक्ट, 2023 की धारा 7 और 8 को चुनौती दी गई है।
बता दें कि याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि मौजूदा मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार 18 फरवरी 2025 को रिटायर होने वाले हैं। यानी एक नियुक्ति होनी है तो कोर्ट उससे पहले इस मामले में निर्णय ले। कोर्ट फिलहाल सरकार को मौजूदा व्यवस्था के तहत इस पद पर नियुक्ति करने से रोक दे। हालांकि चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की पीठ ने इन दलीलों पर कोई गौर नहीं.किया।
इसी मामले की सुनवाई से चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने खुद को अलग कर लिया। उन्होंने कहा कि मैं अंतरिम आदेश देने वाली पीठ का हिस्सा था। अब ये मामला जनवरी के दूसरे हफ्ते में नई बेंच के सामने सुनवाई के लिए लाया जाएगा।





