सात महीने पहले हुए सड़क हादसे को लेकर अब एक्शन में आयी कानपूर पुलिस, गिरफ्तार किया गया नाबालिग आरोपी, 2 बच्चों को रौंदकर ली थी जान
सात महीने पहले हुए सड़क हादसे को लेकर अब एक्शन में आयी कानपूर पुलिस, गिरफ्तार किया गया नाबालिग आरोपी, 2 बच्चों को रौंदकर ली थी जान
पुणे पोर्शे कांड के बाद उत्तर प्रदेश की कानपूर पुलिस भी हरकत में आयी है। यहाँ पुलिस ने सात महीने पहले एक हिट एंड रन मामले में एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, पिछले साल अक्टूबर महीने में एक नाबालिग युवक ने अपनी कार से एक सड़क दुर्घटना में दो बच्चों को मौत के घाट उतार दिया था। हालांकि उस दौरान एक समझौते के बाद उसे छोड़ दिया गया था। लेकिन दो महीने पहले उसी नाबालिग को फिर से लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए देखा गया जिसके चलते चार लोगों को घायल हो गए इसी के बाद से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक पिछले साल 26 अक्टूबर को 15 वर्षीय किशोर ने लापरवाही से कार चलाते हुए एक मैगी की दुकान में घुसा दिया था, जिसमें दुकान में बैठे दो बच्चों की मौत हो गई थी। हालांकि इस मामले में समझौते के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गयी थी।
लेकिन इसके बाद दो महीने पहले इस युवक को एक बार फिर लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए देखा गया। जहां उसने कानपूर के बर्रा थाने के अंतर्गत चार लोगों को रौंद कर घायल कर दिया। दुर्घटना के दोनों मामलों में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद उसे बुधवार को हिरासत में लेने के बाद बाल गृह भेज दिया गया है। आपीसी की धारा 304ए के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
गौर करने वाली बात यह है कि पुणे केस के सुर्खियों में आने का बाद कानपुर पुलिस की भी नींद टूटी और अब पुलिस ने आरोपी नाबालिग के खिलाफ दोनों मामलों में केस दर्ज कर लिया है वहीं उसके पिता पर भी मुकदमा दर्ज हो गया है. वहीं इस मामले में लीपा-पोती करने वाले पुलिसकर्मियों की भी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि नाबालिग किशोर के पिता कानपुर के नामी डॉक्टर हैं. हैरानी की बात है कि दो बच्चों की मौत होने के बाद भी वो अपने नाबालिग बेटे को कार चलाने के लिए देते रहे।





