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फैक्ट चेक: क्या राजस्थानी नृत्य करती महिला श्रीगंगानगर की कलेक्टर रुक्मणी रियार हैं? पढ़ें पूरा सच

फैक्ट चेक: क्या राजस्थानी नृत्य करती महिला श्रीगंगानगर की कलेक्टर रुक्मणी रियार हैं? पढ़ें पूरा सच

 

सोशल मीडिया पर एक महिला के नृत्य का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला को राजस्थानी वेशभूषा में राजस्थान के परम्परागत तौर से नृत्य करते हुए देखा जा सकता है। इसी वीडियो के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि यह महिला कोई और नहीं बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर की जिला कलेक्टर रुक्मणी रियार हैं।

वीडियो को फेसबुक पर शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “आप विश्वास नहीं करेंगे कि नृत्य करने वाली ये कोई साधारण महिला नहीं है बल्कि गंगानगर जिले (राजस्थान) की कलेक्टर रूक्मणी रियाड हैं। IAS होने के बावजूद भी वे अपनी संस्कृति से पूरी तरह जुड़ी हुई हैं

 

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक:

क्या वायरल वीडियो में राजस्थानी गाने में थिरकती महिला राजस्थान के श्रीगंगानगर की जिला कलक्टर रूक्मणी रियार हैं? इस बात का सच जानने के लिए हमने पड़ताल शुरू की। अपनी पड़ताल के पहले चरण में हमने वीडियो को Invid टूल के माध्यम से कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज टूल की सहायता से खोजना शुरू किया।

लेकिन खोज के दौरान गूगल पर मिले परिणामों में हमें वायरल वीडियो की कोई जानकारी नहीं मिली।

जिसके बाद हमने वायरल वीडियो में राजस्थानी गाने पर नृत्य कर रही महिला और श्रीगंगानगर की जिला कलक्टर रुक्मणी रियार की तस्वीरों की तुलना की।  

 

 

तुलना करने हमने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला और जिलाधिकारी रुक्मणी रियार में काफी अंतर है।

जिसके बाद पुष्टि के लिए हमने श्रीगंगानगर की जिला अधिकारी रुक्मणी रियार से फ़ोन पर सीधा संपर्क किया। जहां उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वायरल वीडियो में नृत्य करती महिला वह नहीं बल्कि ग्रामीण अंचल की कोई अन्य महिला हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, मीडिया को वह पहले ही इस वायरल वीडियो पर सफाई दे चुकीं हैं।

 

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने पाया कि वायरल वीडियो में राजस्थानी गाने पर नृत्य करती महिला श्रीगंगानगर की जिलाधिकारी रुक्मणी रियार नहीं है।

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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