दिल्ली धमाके के आरोपी का वीडियो आया सामने – आतंकी डॉक्टर उमर का खौफनाक इकबाल

राजधानी दिल्ली में लाल किले के निकट हुए भयावह विस्फोट के मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर का एक चौंकाने वाला वीडियो प्रकाश में आया है. यह वीडियो हमले से दो माह पूर्व रिकॉर्ड किया गया था, जिसमें वह अपने आतंकवादी इरादों को खुलकर बयान करता नजर आ रहा है.
वीडियो में क्या दिखता है?
इस वीडियो में आतंकी उमर एक बंद कमरे के भीतर बैठा हुआ दिखाई देता है. उसकी पीठ के पीछे एक अलमारी रखी है और दीवार पर काली रंग की शर्ट लटकी हुई है. काले-भूरे रंग की टी-शर्ट और कॉलर माइक पहने हुए वह हल्की दाढ़ी-मूंछों में दिख रहा है. उसके चेहरे के भाव को समझ पाना कठिन है – आंखें स्थिर हैं, होंठ सीधे हैं और आवाज में एक भयानक ठंडापन झलकता है. पूरे वीडियो में उसके चेहरे पर किसी भी प्रकार की हिचकिचाहट नहीं दिखती.
क्या बयान देता है आतंकी उमर?
वीडियो में डॉक्टर से आतंकवादी बनने वाला उमर धाराप्रवाह अंग्रेजी में बोलते हुए आत्मघाती हमलों को इस्लामिक सिद्धांतों के आधार पर न्यायोचित साबित करने का प्रयास करता है. वह इस तरह के हमलों को ‘शहादत अभियान’ की संज्ञा देता है.
उसके शब्दों में, “आत्मघाती बम विस्फोट सबसे ज्यादा गलत ढंग से समझी जाने वाली धारणाओं में से एक है. यह वास्तव में एक शहादत अभियान है और इस्लाम में इसे इसी नाम से पहचाना जाता है. इसके विरुद्ध अनेक विरोधाभासी तर्क दिए जाते हैं.”
वह आगे कहता है कि “शहादत अभियान तब संपन्न होता है जब कोई व्यक्ति इस बात को स्वीकार कर लेता है कि उसे किसी निर्धारित स्थान पर, किसी निश्चित समय पर अवश्य ही मृत्यु का सामना करना है.” पूरे वीडियो में वह आत्मघाती हमलों के पक्ष में कुतर्क प्रस्तुत करता रहता है.
वीडियो कैसे मिला और कब का है?
जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को एक गोपनीय स्रोत के माध्यम से प्राप्त हुआ है. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह वीडियो विस्फोट से करीब दो महीने पहले तैयार किया गया था.
रोचक बात यह है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि उसके अपने टेरर मॉड्यूल के कुछ सदस्यों ने भी फिदायीन हमले का विरोध किया था और आत्मघाती हमले की इस योजना को नकार दिया था.
दिल्ली धमाका – घटना का विवरण
10 नवंबर को लाल किले के आसपास के इलाके में आतंकी उमर द्वारा अंजाम दिया गया विस्फोट अत्यंत भयावह रहा. इस हमले में अब तक 14 लोगों की जानें जा चुकी हैं. जांच में यह भी पता चला है कि दिल्ली ब्लास्ट का संबंध फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है.
यह वीडियो आतंकियों की मानसिकता और उनके द्वारा हिंसा को उचित ठहराने के तरीकों को दर्शाता है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकता है.





