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Sulli Deals: सुप्रीम कोर्ट ने सुल्ली एप की याचिका पर दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र सरकार को भेजा नोटिस

Sulli Deals: सुप्रीम कोर्ट ने सुल्ली एप की याचिका पर दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र सरकार को भेजा नोटिस

शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय ने सुल्ली डील्स एप बनाने के आरोपित ओंकारेश्वर ठाकुर की याचिका पर नोटिस जारी किया है। कोर्ट की ओर से यह नोटिस उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार को भेजा गया है। ठाकुर ने सभी एफआइआर को साथ जोड़ने की मांग की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अलग-अलग मुस्लिम महिलाओं की फोटो डाल कर उनकी नीलामी की कोशिश की गई। हर केस अलग है। हमें संदेह है कि सभी केस साथ जोड़े जा सकते हैं।

इस मामले में सुनवाई करते हुए न्यायमूॢत एस.के. कौल और न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश की पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि नीलामी स्थल पर अपलोड की गई प्रत्येक महिला पीड़ित पक्ष है और ऐसी स्थिति में कई प्राथमिकी दर्ज की जा सकती हैं। पीठ ने कहा कि वह इन प्राथमिकियों के संबंध में चल रही किसी भी जांच पर रोक नहीं लगाएगी। पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी किया और इसकी सुनवाई तीन हफ्ते बाद के लिए निर्धारित कर दी। वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव शर्मा के जरिये दायर याचिका में ठाकुर ने कहा कि सुल्ली डील्स ऐप के सिलसिले में एक ही घटना को लेकर आरोपी के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई प्राथमिकियां और शिकायतें दर्ज की गई हैं।

जुलाई 2021 में दर्ज हुआ था मामला 

बता दें जुलाई 2021 में दिल्ली पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी और यह आरोप लगाया था कि इंटरनेट के एक मंच ‘गिटहब’ पर ‘सुल्ली डील ऑफ द डे’ नाम का एक प्रोग्राम तैयार किया गया, जहां कई मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें उनकी सहमति के बिना कथित तौर पर ऑनलाइन नीलामी के लिए अपलोड कर दी गईं। बाद में इस साल जनवरी में, दिल्ली पुलिस ने ‘बुल्लीबाई’ ऐप के सिलसिले में एक और प्राथमिकी दर्ज की और आरोप लगाया गया कि ऐप की सामग्री का उद्देश्य मुस्लिम महिलाओं का अपमान करना था।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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