क्यों राहुल गांधी के Dual Citizenship Case से जज ने खुद को अलग किया?

कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Allahabad High Court के जस्टिस Subhash Vidyarthi ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है।
सोशल मीडिया पोस्ट बनी वजह
जस्टिस विद्यार्थी ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों से यह संकेत मिलता है कि उसे अदालत पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में इस मामले की सुनवाई करना उचित नहीं होगा।
अपने बयान में जज ने यह भी उल्लेख किया कि याचिकाकर्ता ने अदालत पर टिप्पणी करते हुए आदेश से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जिससे न्यायिक निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है।
क्या है पूरा मामला
याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी के पास भारत और यूनाइटेड किंगडम की दोहरी नागरिकता है, जो भारतीय कानूनों का उल्लंघन है। याचिका में दावा किया गया कि राहुल गांधी ने 2003 में एक कंपनी बनाई थी, जिसमें बाद के दस्तावेजों में उनकी नागरिकता ब्रिटिश बताई गई।
किन धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग
याचिकाकर्ता ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की मांग की है।
पहले क्या हुआ था
पिछली सुनवाई में अदालत ने माना था कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है और जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को केंद्रीय एजेंसी को मामला सौंपने की अनुमति दी थी। हालांकि, बाद में अदालत ने कहा कि इस तरह के मामलों में पहले आरोपी को नोटिस देना जरूरी है और कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
अब जज के खुद को अलग करने के बाद इस मामले की सुनवाई किसी अन्य पीठ के सामने होगी। यह घटनाक्रम न सिर्फ कानूनी प्रक्रिया बल्कि राजनीतिक बहस को भी प्रभावित कर सकता है।





