Manipur Violence: न्याय की मांग बनी बवाल, मशाल रैली में सुरक्षा बलों से भिड़ंत

Manipur Violence: मणिपुर में शांति की अपील और न्याय की मांग एक बार फिर हिंसा की भेंट चढ़ गई। 20 अप्रैल की रात, इम्फाल पश्चिम जिले में आयोजित एक विशाल ‘मीरा पाबी’ (मशाल रैली) के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हुई। यह रैली माई लांबी से कीशमथोंग तक लगभग सात किलोमीटर लंबी थी, लेकिन रात होते-होते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
हिंसा का मुख्य कारण: त्रोंगलाओबी बम विस्फोट मामला
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से बिष्णुपुर जिले के त्रोंगलाओबी में 7 अप्रैल को हुए बम विस्फोट के खिलाफ था। इस दुखद घटना में दो मासूम बच्चों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद से ही ‘कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (COCOMI) और स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। प्रदर्शनकारी इस मामले में त्वरित न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सुरक्षा बलों के साथ टकराव
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रैली शुरू में शांतिपूर्ण थी, लेकिन जब सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर बढ़ने से रोका, तो झड़प शुरू हो गई। गुस्साई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। मणिपुर का इंफाल घाटी क्षेत्र पिछले कई हफ्तों से इस बम विस्फोट के विरोध में दैनिक प्रदर्शनों का केंद्र बना हुआ है।
मणिपुर में जारी अस्थिरता के बीच बच्चों की मौत ने स्थानीय समुदायों के घावों को फिर से हरा कर दिया है। जहाँ एक ओर प्रशासन शांति बहाली की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जनता का आक्रोश न्याय की धीमी गति को लेकर बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति और भी संवेदनशील बनी रहने की उम्मीद है।





