भारत

कानपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: जुड़वा बेटियों की हत्या, खुद आरोपी ने पुलिस को दी सूचना

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के कानपुर के किदवई नगर इलाके में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपनी ही 11 साल की जुड़वा बेटियों की हत्या कर दी। घटना के समय घर में पत्नी और 6 साल का बेटा दूसरे कमरे में सो रहे थे और उन्हें इस वारदात की कोई जानकारी नहीं थी।

हत्या के बाद आरोपी ने खुद किया पुलिस को कॉल

पुलिस के अनुसार, आरोपी शशि रंजन मिश्रा (45) ने वारदात को अंजाम देने के बाद खुद ही 112 हेल्पलाइन पर कॉल किया और घटना की जानकारी दी। यह कॉल सुबह करीब 4:30 बजे की गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरा मामला सामने आया।

CCTV फुटेज से सामने आई रात की गतिविधियां

पत्नी के बयान और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, परिवार ने रात में साथ खाना खाया था। इसके बाद आरोपी बच्चों को अपने कमरे में ले गया। फुटेज में वह करीब 2:30 बजे एक बेटी को बाथरूम ले जाते हुए दिखाई दिया और इसके बाद कमरे की लाइट बंद कर दी गई।

मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद की आशंका

पुलिस जांच में यह सामने आया है कि आरोपी मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहा था। उसकी मां की कुछ महीने पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उसका व्यवहार बदलने लगा था। पत्नी ने बताया कि वह पहले भी कई बार बच्चों के साथ आत्महत्या की बात कर चुका था।

बेहोशी की दवा और धारदार हथियार का इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले बच्चों को नींद की दवाइयां देकर बेहोश किया और फिर धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि उसने एक दिन पहले ही क्लीवर खरीदा था, जिसका इस्तेमाल इस वारदात में किया गया।

जांच जारी, परिवार सदमे में

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरा परिवार और इलाका सदमे में है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि इस जघन्य अपराध की पूरी सच्चाई सामने आ सके। 

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button