इज़राइल-ईरान संघर्ष पर फिलहाल विराम, नेतन्याहू बोले हमला हुआ तो देंगे करारा जवाब

Tel Aviv: इज़राइल और ईरान के बीच हाल ही में बढ़े सैन्य तनाव के बीच फिलहाल शांति के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को पुष्टि की कि इज़राइल ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई रोक दी है, क्योंकि तेहरान ने भी इज़राइली क्षेत्र पर मिसाइल हमले बंद कर दिए हैं।
पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव देखने को मिले थे। मिसाइल हमलों, जवाबी हवाई हमलों और क्षेत्रीय सहयोगियों की भागीदारी ने पूरे मध्य पूर्व में बड़े युद्ध की आशंका बढ़ा दी थी।
नेतन्याहू की ईरान को चेतावनी
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि फिलहाल संघर्ष थम गया है, लेकिन यदि ईरान दोबारा हमला करता है तो इज़राइल कड़ा जवाब देगा।
उन्होंने कहा, “फिलहाल गोलीबारी रुक गई है क्योंकि तेहरान में आतंकवादी शासन पर हमारी कार्रवाई के बाद उसने हमले बंद कर दिए हैं। लेकिन यदि ईरान फिर से हमला करने की गलती करता है, तो हम पूरी ताकत के साथ जवाब देंगे।”
ईरान ने भी रोकी सैन्य कार्रवाई
दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने सैन्य अभियानों को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है। हालांकि तेहरान ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय इज़राइल की भविष्य की गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
ईरान का कहना है कि उसके हालिया हमले लेबनान के समर्थन में किए गए थे। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि इज़राइल क्षेत्र में सैन्य अभियान जारी रखता है, तो उसका जवाब पहले से अधिक कठोर होगा।
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कूटनीति पर दिया जोर
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि देश अपनी सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों दोनों को समान महत्व देता है।
उन्होंने कहा, “कूटनीति और रक्षा राष्ट्रीय शक्ति के दो पंख हैं। हमने न तो मैदान छोड़ा है और न ही बातचीत की मेज।”
उनके बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि ईरान तनाव कम करने के साथ-साथ बातचीत के विकल्प खुले रखना चाहता है।
ट्रंप ने युद्धविराम की उम्मीद जताई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष तत्काल युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि व्यापक शांति समझौते को लेकर बातचीत में प्रगति हो रही है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका क्षेत्र में तनाव कम करने और स्थायी समाधान की दिशा में कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हुए है।
क्या टल गया बड़ा युद्ध?
हालांकि दोनों देशों ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने की घोषणा की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है। किसी भी नए हमले या उकसावे की घटना से तनाव फिर बढ़ सकता है।
फिलहाल मध्य पूर्व और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह अस्थायी विराम स्थायी युद्धविराम में बदल पाएगा या नहीं।






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